Home देश/विदेश 15 साल के लड़के में ईश्वर की आत्मा… ‘मुर्दे’ को किया जिंदा,...

15 साल के लड़के में ईश्वर की आत्मा… ‘मुर्दे’ को किया जिंदा, मौत के 20 साल बाद इस संत को पूजेगी दुनिया

62
0

[ad_1]

वह महज़ 15 साल का एक लड़का था. जींस और स्नीकर्स पहनता, वीडियो गेम खेलता, कंप्यूटर कोडिंग करता और दोस्तों के साथ स्कूल जाता. लेकिन इस साधारण-सी दिखने वाली जिंदगी के पीछे छुपी थी एक असाधारण शक्ति, जिसे अब कैथोलिक चर्च संत का दर्जा देने जा रही है.

Google search engine
हम बात कर रहे हैं कार्लो एक्युटिस की… जिसे मिलेनियल पीढ़ी का पहला कैथोलिक संत बताया जा रहा है. पोप लियो XIV 7 सितंबर को वेटिकन सिटी के सेंट पीटर्स स्क्वायर में उसे आधिकारिक रूप से संत घोषित करेंगे.

बीमारी को छूकर कर देता था दूर

कार्लो एक्युटिस का नाम कई चमत्कारों से जुड़ा है. चर्च के अनुसार, दो मेडिकली वेरिफाइड चमत्कारों ने उनकी संत बनने की राह साफ कर रही. कार्लो ने पहला चमत्कार ब्राज़ील के एक बच्चे पर दिखाया. वह जन्मजात बीमारी के कारण सामान्य खाना नहीं खा सकता था, उस पर जब कार्लो के नाम पर प्रार्थना की गई, तो वह चमत्कारी रूप से ठीक हो गया.

वहीं दूसरा चमत्कार कोस्टा रिका की एक युवती से जुड़ा है. इटली में एक साइकिल दुर्घटना के बाद कोमा में चली गई थी. बताया जाता है कि उसकी मां ने असीसी में कार्लो की कब्र पर प्रार्थना की. इसके बाद वह लड़की पूरी तरह ठीक हो गई, जिसे देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए.

जींस और स्नीकर्स वाला संत

कार्लो को लोग ‘ईश्वर का एन्फ्लूएंसर’ भी कहते थे. वह इंटरनेट और तकनीक की दुनिया में माहिर था. उसने कैथोलिक चमत्कारों की वेबसाइट बनाई ताकि पूरी दुनिया इन घटनाओं को जान सके. यही नहीं, कार्लो ने अपने पॉकेट मनी से मिलान की सड़कों पर बेघरों की मदद की.

वह अक्सर टी-शर्ट और जींस में नजर आता था, जिससे आज की पीढ़ी उसे अपना जैसा महसूस करती है. यही वजह है कि उसे ‘जींस वाले बाबा’ की संज्ञा दी गई.

20 साल बाद संत का दर्जा

कार्लो की वर्ष 2006 में ब्लड कैंसर से मौत हो गई थी. तब वह महज 15 साल के थे. अब उसकी मृत्यु के 20 साल बाद वह आधिकारिक रूप से कैथोलिक चर्च का संत बनने जा रहा है. कार्लो के साथ पियर जॉर्जियो फ्रासाती नामक एक और युवा को भी संत घोषित किया जाएगा, जिन्होंने 1920 के दशक में गरीबों और बीमारों की सेवा की थी.

युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा

कार्लो की मां एंटोनिया साल्ज़ानो ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘कार्लो एक आम बच्चा था. लेकिन उसमें खास बात थी कि उसने अपने जीवन में सबसे पहले यीशु को जगह दी. उसी ने उसे असाधारण बना दिया.’

आज जब दुनिया भर के युवा धार्मिकता और आध्यात्मिकता से जुड़ने के नए रास्ते खोज रहे हैं, कार्लो एक्युटिस उनमें से कई के लिए एक आदर्श बन गया है. एक ऐसा संत जो जींस पहनता है, तकनीक में निपुण है और आज के जमाने की भाषा बोलता है.

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here