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खुदाई में निकलीं सोने की मोहरें? सरपंच और ग्रामीणों ने बयां की पूरी हकीकत; खुदाई करने दौड़ा पूरा गाँव! लूटने के लिए मची अफरा-तफरी..

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बमीठा/छतरपुर | छतरपुर जिले के बमीठा में आज उस वक्त ‘कैलिफोर्निया गोल्ड रश’ जैसा नजारा देखने को मिला, जब ऐतिहासिक राजगढ़ पैलेस की मिट्टी ने सोने के सिक्के उगलना शुरू कर दिया। पैलेस से निकली मिट्टी सड़क किनारे क्या फेंकी गई, वहां सोने की चाह में ग्रामीणों का सैलाब उमड़ पड़ा। लोग हाथों से, फावड़ों से और जो मिला उससे मिट्टी खंगालने लगे। देखते ही देखते सड़क किनारे ‘खजाना लूटने’ की होड़ मच गई।

500 साल पुराना राज आया बाहर?
सूत्रों का दावा है कि इस खुदाई में करीब 50 से 100 सोने के सिक्के मिले हैं, जो गांव के 15-20 खुशकिस्मत लोगों के हाथ लगे हैं। ग्रामीणों की मानें तो ये सिक्के करीब 500 साल पुराने हैं और शुद्ध सोने के बने हुए हैं। मिट्टी में दबे ये सिक्के पैलेस के उस दौर की याद दिलाते हैं जब यहां राजा-महाराजाओं का राज हुआ करता था। Video

मिट्टी में दिखी चमक और मच गई अफरा-तफरी
दरअसल, पैलेस परिसर में इन दिनों ओबेरॉय ग्रुप द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। खुदाई से निकली मिट्टी को जब बाहर सड़क किनारे डाला गया, तो कुछ राहगीरों को उसमें ‘पीली चमक’ दिखाई दी। खबर आग की तरह फैली और कुछ ही मिनटों में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आलम यह था कि लोग एक-दूसरे को धक्का देकर मिट्टी के ढेर पर टूट पड़े।

ओबेरॉय ग्रुप का प्रोजेक्ट और पैलेस का इतिहास
राजगढ़ पैलेस एक आलीशान ऐतिहासिक धरोहर है। वर्तमान में यहाँ ओबेरॉय ग्रुप द्वारा वर्ल्ड क्लास होटल का संचालन और विस्तार किया जा रहा है। ऐसे में पैलेस की गहराई से निकली मिट्टी में खजाना मिलना कई बड़े अनसुलझे रहस्यों की ओर इशारा कर रहा है।

प्रशासन की चुप्पी और बढ़ता रहस्य
इतनी बड़ी घटना के बाद भी फिलहाल प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन गुप्त रूप से प्रशासनिक टीमें इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही हैं।


सरपंच रमेश बिल्ला का दावा: एसडीएम को बताते हुए उन्होंने पुस्टि की 15 -20 सोने के सिक्के लोगों को मिले हैं। सुने क्या कहा ब्लू लिंक पर क्लिक करें

बड़ा सवाल: क्या ये सिक्के वाकई सोने के हैं?
संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और उन लोगों से सिक्के बरामद किए जा सकते हैं जिनके हाथ ये ‘खजाना’ लगा है।

Note : “ऐतिहासिक खजाना सरकारी संपत्ति है, यदि किसी को मिला है तो उसे प्रशासन को सौंप देना चाहिए, वरना कानूनी कार्रवाई हो सकती है।”

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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