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पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार वेटिकन में नहीं होगा, जानिए कारण.

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पोप फ्रांसिस का निधन 21 अप्रैल को हुआ था. उनका अंतिम संस्कार वेटिकन में नहीं, बल्कि रोम चर्च सांता मारिया मैगीगोर में होगा. भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी उन श्रद्धांजलि देंगी.

पोप फ्रांसिस को वेटिकन में नहीं दफनाया जाएगा, जानिए इस बार क्यों टूटेगी परंपरा

पोप फ्रांसिस को उनके पसंदीदा रोम चर्च सांता मारिया मैगीगोर में दफनाया जाएगा.

हाइलाइट्स

  • पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार रोम चर्च में होगा
  • भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी श्रद्धांजलि देंगी
  • 224 कार्डिनल, 750 बिशप और 200,000 लोग शामिल होंगे

पोप फ्रांसिस का निधन ईस्टर यानी 21 अप्रैल को 88 वर्ष की आयु में हुआ था. वे डबल निमोनिया से जूझते हुए पांच सप्ताह तक अस्पताल में रहने के बाद वेटिकन सिटी लौटे थे. जिसके एक महीने से भी कम समय बाद उनकी मृत्यु हो गई. पोप को अंतिम विदाई देने का कार्यक्रम बहुत भव्य होगा, जिसमें 224 कार्डिनल, 750 बिशप और पादरी सहित विश्व के गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे. इसमें 200,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. इतालवी और वेटिकन अधिकारियों ने इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. वेटिकन सिटी को नो-फ्लाई जोन बनाया गया है, लड़ाकू विमान स्टैंडबाय पर हैं और चारों ओर छतों पर स्नाइपर्स तैनात किए जाएंगे.

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पोप फ्रांसिस का पार्थिव शरीर वेटिकन के सेंट पीटर्स बेसिलिका के सामने भव्य बारोक प्लाजा में रखा जाएगा. जहां पर कैथोलिक के इस सर्वोच्च धार्मिक नेता को अंतिम विदाई देने के लिए दुनिया भर के नेता और विशिष्ट लोग शामिल होंगे. भारतीय समयानुसार 1.30 बजे उनको  दफनाया जाएगा. पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम  में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पोप शामिल होंगी. उनके साथ केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष जोशुआ डी सूजा भी हैं.

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इस बार टूटेगी परंपरा
परंपरा रही है कि किसी पोप की मृत्यु होने के बाद उसे वेटिकन के अंतिम विश्राम स्थल में दफनाया जाता रहा है. लेकिन इस बार सदियों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए पोप फ्रांसिस को उनके पसंदीदा रोम चर्च सांता मारिया मैगीगोर में दफनाया जाएगा. पोप फ्रांसिस हमेशा सादगी पसंद करते थे. वे पोप बनने के बाद वेटिकन के एक साधारण गेस्टहाउस में रहते थे और कैथोलिक धर्म के मुख्यधारा के केंद्रों के बजाय सीमांत क्षेत्रों में जाकर अपने अनुयायियों के लिए सुलभ बने रहते थे. पोप ने अपनी वसीयत में अपनी कब्र का भी वर्णन करते हुए कहा, “कब्र जमीन में होनी चाहिए. सादा, बिना किसी विशेष सजावट के और केवल शिलालेख के साथ: फ्रांसिसस.” उन्होंने आगे कहा कि उनके दफन का खर्च किसी दानदाता द्वारा प्रदान की गई राशि से वहन किया जाना चाहिए. पोप फ्रांसिस को उनकी इच्छा के अनुसार एक लकड़ी के ताबूत में रखा जाएगा.

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कब होगा उत्तराधिकारी का फैसला?
कार्डिनल्स ने पोप फ्रांसिस के उत्तराधिकारी के चुनाव के लिए सम्मेलन की तिथि निर्धारित नहीं की है. लेकिन वर्तमान मानदंडों के अनुसार यह 6 मई से पहले शुरू नहीं हो सकता. पोप फ्रांसिस के उत्तराधिकारी के लिए कोई स्पष्ट दावेदार नहीं है. आयरिश मूल के अमेरिकी कार्डिनल केविन फैरेल को वेटिकन के कार्यवाहक प्रमुख के रूप में चुना गया है. ये पद कैमरलेंगो या चैंबरलेन कहलाता है. उनकी जिम्मेदारी होती है कि वो पोप की मृत्यु की औपचारिक पुष्टि करें और दूसरे पोप के चुनाव से पहले ‘होली सी’ का संचालन करें. नए पोप के चुनाव से पहले ‘अंतराल’ अवधि के दौरान वेटिकन का प्रशासन संभालने के लिए कार्डिनल केविन फैरेल की मदद करने के लिए तीन कार्डिनल चुने गए हैं.

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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