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जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने वाले प्रस्ताव पर अब संसद में कैसे आगे बढ़ेगी सरकार? खुद शाह ने संभाला मोर्चा – Justice Yashwant Verma removal proposal stirs Parliament Amit Shah kiren rijiju meeting

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Justice Yashwant Verma: जस्टिस यशवंत वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते संसद में उनके हटाने का प्रस्ताव जोर पकड़ रहा है. अमित शाह और किरेन रिजीजू ने कई बैठकें कीं. लोकसभा और राज्यसभा में प्रस्ताव दाखिल हो चु…और पढ़ें

जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए कैसे आगे बढ़ेगी सरकार? संसद में एक्‍शन में शाहजस्टिस यशवंत वर्मा पर गंभीर आरोप हैं. (File Photo)

हाइलाइट्स

  • जस्टिस वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप.
  • संसद में वर्मा के हटाने का प्रस्ताव.
  • अमित शाह और रिजीजू ने कई बैठकें कीं.
संसद के मानसून सत्र के बीच जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के प्रस्ताव ने जोर पकड़ लिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज वर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, जिसके बाद उनके खिलाफ रिमूवल प्रस्ताव लाने की कवायद तेज हो गई. मंगलवार को दिनभर सरकार की ओर से इस मसले पर हलचल मची रही. गृहमंत्री अमित शाह और संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजीजू ने लोकसभा और राज्यसभा के महासचिवों के साथ कई दौर की बैठकें कीं. सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा में पहले से 152 सांसदों के हस्ताक्षर वाला रिमूवल प्रस्ताव दाखिल हो चुका है, जिसमें बीजेपी, कांग्रेस, टीडीपी, जेडीयू समेत कई दलों के सांसद शामिल हैं.

विपक्षी सांसदों ने सभापति को भेजा प्रस्‍ताव
अब राज्यसभा में भी 63 विपक्षी सांसदों ने ऐसा ही प्रस्ताव उपसभापति को सौंपा है. लेकिन दोनों सदनों में एक साथ प्रस्ताव दाखिल होने से मामला पेचीदा हो गया है. इसकी कानूनी समीक्षा के लिए सरकार और संसद के अधिकारी माथापच्ची कर रहे हैं. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश इस मसले पर अधिकारियों से सलाह-मशविरा कर रहे हैं. मंगलवार शाम अमित शाह ने ओम बिरला से उनके आवास पर मुलाकात की, जिसमें इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई.

घर पर मिला था जला हुआ कैश
जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास में मार्च में आग लगने के बाद वहां से भारी मात्रा में जली हुई नकदी बरामद हुई थी. सुप्रीम कोर्ट की जांच समिति ने इसे गंभीर मिसकंडक्‍ट माना. हालांकि, जस्टिस वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जांच रिपोर्ट को चुनौती दी है. संविधान के मुताबिक, जज को हटाने के लिए लोकसभा में 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर चाहिए. दोनों सदनों में प्रस्ताव पास होने के बाद तीन सदस्यीय समिति जांच करेगी. फिलहाल अंतिम फैसला बाकी है, लेकिन यह मामला संसद में एकजुटता और न्यायिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल उठा रहा है.

Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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