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Success Story: 70 लाख की नौकरी को मारी लात, शुरू किया यह काम, आज दिल्ली से लेकर बैंगलुरू तक जमाई धाक

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Delhi Famous Chole Kulche Food: दिल्ली के रहने वाले सागर मल्होत्रा देश के बड़े-बड़े शहरों में नौकरी की. वह बैंक में 70 लाख रुपए सालाना पैकेज की नौकरी छोड़कर छोले कुलचे बेच रहा है. उन्होंने बताया कि वह दिल्ली के…और पढ़ें

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सागर

सागर मल्होत्रा अपनी मशीन के साथ

हाइलाइट्स

  • सागर मल्होत्रा ने 70 लाख की नौकरी छोड़ छोले कुलचे का बिजनेस शुरू किया.
  • मल्होत्रा की मशीन 60 सेकंड में 4 तरह के छोले तैयार करती है.
  • दिल्ली, जयपुर और बेंगलुरु में मल्होत्रा की छोले कुलचे की दुकानें हैं.

नई दिल्ली: आजकल 70 लाख रुपए की नौकरी पाना हर किसी का सपना होता है, लेकिन दिल्ली के रहने वाले एक शख्स ने 70 लाख रुपए की बैंक की नौकरी छोड़कर छोले कुलचे बेचना शुरू कर दिया है. यह छोले कुलचे अनोखे अंदाज में बेच रहा है. क्योंकि इसकी जो मशीन है, वो पूरे देश में आपको कहीं पर भी देखने के लिए नहीं मिलेगी. क्योंकि इस मशीन को खुद इस शख्स ने तैयार किया है. इस शख्स का नाम सागर मल्होत्रा है, जिन्होंने एक साल अपने आपको घर के अंदर बंद रखकर इस मशीन को बनाया था.

60 सेकेंड में बन जाते हैं 4 तरह के छोले

इस मशीन को बनाने में इस शख्स ने न सिर्फ अपनी मां की मदद ली. यह मशीन बनने के बाद लगभग 40 बार ट्रायल में फेल हुई, लेकिन फिर भी हार नहीं मानी. दोबारा इसको ट्राई किया तो यह मशीन 60 सेकंड के अंदर छोले बनाकर देने लग गई. फिर क्या था. इस शख्स ने दिल्ली में एक नहीं, बल्कि दो छोले की दुकान खोली और तो और अब जयपुर और बेंगलुरु तक अपने पैर पसारने का यह सपना शख्स देख रहा है.

बैंक में था 70 लाख का पैकेज

सागर मल्होत्रा ने बताया कि वह मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली समेत देश और विदेश सभी जगहों पर नौकरी कर चुका है. उनका आखिरी बैंक में सालाना पैकेज 70 लाख रुपए था, लेकिन वह अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं था. इसलिए उसने अपने होमटाउन दिल्ली पहुंचकर मां के साथ मिलकर छोले कुलचे का बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचा. इसको लेकर इन्होंने एक कंपनी को मशीन बनाने के लिए पैसा दिया था और अपना पूरा आईडिया भी, लेकिन इन्हें बाद में पता चला कि वह कंपनी मशीन बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है. फिर उसने खुद ही घर पर एक साल तक लगकर अपनी मां की मदद से इस ऑटोमेटिक मशीन को बनाया.

ऐसे काम करती है ये मशीन

सागर मल्होत्रा ने बताया कि जैसे कॉफी मशीन काम करती है. ठीक वैसे ही उन्होंने अपनी छोले की मशीन तैयार की है. इसमें वह तीन से चार प्रकार के छोले को स्टोर कर देते हैं. जब कोई ग्राहक उनसे ऑनलाइन या ऑफलाइन छोले मांगता है, तो हर एक प्रकार के छोले पर एक बटन बना रखी है. जैसे ही तीखा, कम तीखा या प्लेन छोले को कोई मांगता है, तो उस बटन को दबा देते हैं. मशीन इस छोले को पूरी तरह से मिक्स करके नीचे रखी हुई प्लेट में गिरा देती है.

बेचने का अंदाज लोगों को है खूब पसंद

जहां 60 सेकेंड के अंदर पूरी तरह से छोले प्लेट तक पहुंच जाते हैं. जहां ग्राहक को कम वक्त में छोले कुलचे खाने का भी मौका मिलता है. इसमें ग्राहक को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता और छोले में किसी प्रकार का कोई हाथ नहीं लगाया जाता है, जिससे साफ सफाई का ध्यान रखा जाए और छोले में कहीं से भी बाहर की कोई गंदगी ना जाए.  उनका यह अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है.

70 लाख रुपए से अधिक होगी बिक्री

इसीलिए ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री शुरू हो चुकी है. राजौरी गार्डन में ज्यादा ग्राहक हैं. वहीं, दूसरी दुकान उनकी विकासपुरी में है. जबकि तीसरी दुकान जयपुर और चौथा दुकान बेंगलुरु में शुरू होने जा रही है. उनके छोले कुलचे का जो शोरूम है. उसका नाम है ‘चक दे छोले’ है. उन्होंने बताया कि अब प्रॉफिट होना शुरू हो गया है. आने वाले समय में 70 लाख रुपए सालाना से भी ज्यादा की बिक्री होने की उम्मीद है.

हर बार एक जैसा ही मिलेगा स्वाद

सागर मल्होत्रा ने बताया कि क्योंकि इन छोले को मशीन खुद तैयार करती है. इसलिए स्वाद हर बार एक जैसा ही ग्राहकों को मिलेगा. ग्राहकों को स्वाद में कभी कोई बदलाव नहीं मिलेगा. उन्होंने बताया कि उनके पास तीन से चार प्रकार के छोले होते हैं और कुलचे दो प्रकार के होते हैं. इसकी कीमत मात्र 49 रुपए से शुरू है.

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70 लाख की नौकरी को मारी लात, आज दिल्ली से बेंगलुरु तक इस रोजगार में जमाई धाक

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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