छतरपुर | संतों की तपोभूमि बागेश्वर धाम में श्रद्धा और सेवा का वह पावन समय आ गया है, जिसका इंतजार देश-दुनिया को पूरे साल रहता है। महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित सप्तम कन्या विवाह महामहोत्सव की औपचारिक शुरुआत शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। धाम के पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से अगले एक सप्ताह तक श्रीमद् भागवत महापुराण की ज्ञानगंगा बहेगी।
कलश यात्रा में हजारों मातृशक्तियां सिर पर मंगल कलश धारण कर, भजनों की धुन पर थिरकती हुई कथा स्थल पहुँचीं। पूरा वातावरण ‘बागेश्वर बालाजी’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
12 फरवरी को सवा लाख हनुमान चालीसा का महायज्ञ इस महोत्सव का सबसे ऐतिहासिक दिन 12 फरवरी होगा, जब धाम में एक साथ सवा लाख श्री हनुमान चालीसा पाठ का विश्व रिकॉर्ड बनेगा। केंद्रीय समिति के अनुसार, देश के 6 राज्यों के 200 जिलों से सुंदरकांड मंडलों के हजारों सदस्य इस महायज्ञ में शामिल होंगे। मऊ (यूपी) और बनारस के विद्वानों के सान्निध्य में होने वाला यह आयोजन सनातन संस्कृति की एकजुटता का प्रमाण बनेगा। बेसहारा बेटियों के हाथ पीले करने का यह संकल्प अब एक विशाल जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।









