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जब ‘शिक्षक’ की भूमिका में नजर आए कलेक्टर पार्थ जैसवाल: सांदीपनि स्कूल में बच्चों को सिखाए गणित के गुर; बोले “परीक्षा उत्सव है, तनाव नहीं”

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छतरपुर | छतरपुर जिले के मुखिया पार्थ जैसवाल का एक बेहद संवेदनशील और प्रेरणादायी रूप शुक्रवार को शासकीय सांदीपनि विद्यालय में देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे कलेक्टर ने न केवल बच्चों के साथ बैठकर पीएम के संवाद को सुना, बल्कि खुद एक शिक्षक की तरह ब्लैकबोर्ड पर चौक थाम ली। उनके इस अपनत्व भरे व्यवहार ने विद्यार्थियों के मन से परीक्षा का भय पूरी तरह निकाल दिया।


ब्लैकबोर्ड पर हल कराए सवाल, जांची मेधा
कलेक्टर श्री जैसवाल ने कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के कमरों में जाकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्वयं ब्लैकबोर्ड पर गणित के कठिन सवाल लिखे और विद्यार्थियों से उन्हें हल करने को कहा। जब बच्चों ने सफलतापूर्वक सवालों के जवाब दिए, तो कलेक्टर ने उनकी पीठ थपथपाकर हौसला बढ़ाया। कलेक्टर द्वारा मेधावी छात्रों की इस तरह ‘लाइव टेस्टिंग’ और सराहना करना पूरे स्कूल में चर्चा का विषय रहा।
माइंड फ्रेश रखें और आशीर्वाद लेकर जाएं:
कलेक्टर के ‘सक्सेस मंत्र’ विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए कलेक्टर ने बड़े भाई की तरह परीक्षा टिप्स साझा किए।
उन्हें आगे कहा परीक्षा को बोझ न समझें। परीक्षा से एक दिन पहले किताबों के बोझ से दूर रहकर माइंड फ्रेश रखें। माता-पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद लें और पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरें।

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शिक्षकों को भी दिए निर्देश: “डाउट नहीं, आत्मविश्वास बढ़ाएं” कलेक्टर ने शिक्षकों को भी निर्देशित किया कि परीक्षा के अंतिम समय में विद्यार्थियों पर दबाव न डालें, बल्कि उनके हर छोटे-बड़े ‘डाउट’ को तुरंत क्लियर कर उनका मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने विद्यालय की तैयारियों पर संतोष जताते हुए उम्मीद जताई कि इस बार छतरपुर का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक होगा।

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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