छतरपुर | छतरपुर के संवेदनशील और कर्मठ कलेक्टर पार्थ जैसवाल आज एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को ‘हाईटेक’ और सुलभ बनाने के संकल्प के साथ कलेक्टर ने आज जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल पहुँचे कलेक्टर को देखकर जहाँ लापरवाह कर्मचारियों में खलबली मच गई, वहीं मरीजों के चेहरों पर न्याय और बेहतर इलाज की उम्मीद जागी।

बारीकी से परखी व्यवस्था, डॉक्टर की उपस्थिति पर रहा जोर
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने अस्पताल के हर उस कोने का मुआयना किया जहाँ आम आदमी को कठिनाई होती है। उन्होंने ओपीडी में पहुँचकर डॉक्टरों की उपस्थिति का रजिस्टर खंगाला और मौके पर उनकी मौजूदगी जांची। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगी। इसके साथ ही उन्होंने ब्लड बैंक का भी निरीक्षण कर रक्त की उपलब्धता और भंडारण मानकों का जायजा लिया।
साफ-सफाई और पेयजल पर कड़े तेवर
मरीजों को संक्रमण मुक्त वातावरण देने के लिए कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता का सघन अवलोकन किया। गंदगी पाए जाने पर उन्होंने प्रबंधन को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि मरीजों के लिए शुद्ध पेयजल और उच्च स्तरीय सफाई व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

नई बिल्डिंग के लिए दिया ‘डेडलाइन’ का डोज
अस्पताल के विस्तार को लेकर कलेक्टर पार्थ जैसवाल बेहद गंभीर दिखे। उन्होंने नवनिर्मित भवन की अधोसंरचना का निरीक्षण करते हुए बाकी बचे कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के आदेश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि डेढ़ से दो महीने के भीतर सभी तकनीकी कमियां दूर कर बिल्डिंग को हैंडओवर किया जाए, ताकि जल्द से जल्द इसे जनता के लिए समर्पित किया जा सके।
जनता की उम्मीदों पर खरे उतरते कलेक्टर
पार्थ जैसवाल के इस औचक दौरे की छतरपुर की जनता मुक्त कंठ से सराहना कर रही है। लोगों का मानना है कि जब जिले का मुखिया खुद धरातल पर उतरकर व्यवस्थाएं देखता है, तभी सिस्टम में सुधार आता है।










