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Rain Flood Landslide News: नॉर्थ-ईस्ट में बारिश से हाहाकार, 24 घंटे में बाढ़-लैंडस्लाइड से 27 लोगों की मौत, अरुणाचल-असम में सबसे अधिक तबाही

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गुवाहाटी/ईटानगर. बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण पूर्वोत्तर के छह राज्यों में हुई भारी बारिश की वजह से कम से कम 27 लोगों के मरने की खबर है. बारिश की वजह से सामान्य जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित रहा. विभिन्न पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन, मकान ढहने, डूबने और भारी बारिश से संबंधित आपदाओं के कारण 24 घंटे में 27 लोगों की मौत हो गई.

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इन 27 पीड़ितों में से नौ की मौत अरुणाचल प्रदेश में, छह की मेघालय में, पांच-पांच की असम और मिजोरम में तथा एक-एक की त्रिपुरा और नागालैंड में हुई. अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के बीच पूर्वी कामेंग जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-13 पर हुए भीषण भूस्खलन में दो महिलाओं और दो बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई.

एक अधिकारी ने बताया कि पूर्वी कामेंग जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-13 के बाना-सेप्पा खंड के बीच हुए भीषण भूस्खलन में सात लोगों को ले जा रहा एक वाहन बह गया और खाई में गिर गया. एक मारुति कार शुक्रवार रात सेप्पा की ओर जा रही थी, तभी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ. बचाव दल ने बाद में शव बरामद किए. बाना-सेप्पा मार्ग को अरुणाचल प्रदेश में सबसे अधिक भूस्खलन वाले क्षेत्रों में से एक माना जाता है. मानसून के मौसम के दौरान (जून से सितंबर) यह रास्ता और खतरनाक हो जाता है.

अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री और स्थानीय विधायक मामा नटुंग और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया. निचले सुबनसिरी जिले में एक अलग घटना में, जीरो-कामले सड़क के किनारे पाइन ग्रूव क्षेत्र के पास एक गोभी के खेत में भूस्खलन होने से दो मजदूरों की मौत हो गई और दो अन्य को बचा लिया गया.

असम में पिछले 24 घंटों में कामरूप मेट्रोपोलिटन जिले में भूस्खलन से पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि लगातार बारिश के कारण छह जिलों में बाढ़ आ गई है, जिससे 10 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा कि सभी पांच मौतें कामरूप मेट्रोपोलिटन जिले से हुई हैं.

क्षेत्रीय मौसम विभाग के अनुसार, चिरांग, बक्सा, बारपेटा, बोंगाईगांव, बजाली, तामुलपुर, दरांग और उदलगुरी जिले शनिवार के लिए ‘रेड अलर्ट’ पर हैं. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “शुक्रवार को 18 जिलों में ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया गया था, क्योंकि पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी बादल छाए रहने के कारण लगातार बारिश के कारण राज्य ‘असामान्य स्थिति’ का सामना कर रहा है.”

अधिकारियों ने बताया कि शहर की महत्वपूर्ण सड़कों में से एक गुवाहाटी-शिलांग सड़क के प्रमुख हिस्से में जलभराव हो गया है, जिससे वाणिज्यिक शहर के अधिकांश हिस्सों में भारी यातायात और जाम की स्थिति पैदा हो गई है.

मिजोरम में सेरछिप जिले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चंफाई जिले के वाफाई गांव में मकान ढहने से म्यांमार के तीन शरणार्थी मारे गए. पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के बाद शुक्रवार को मिजोरम के आइजोल के थुआम्पुई में दीवार ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया.

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री लालनीलावमा ने घोषणा की कि सरकार प्राकृतिक आपदा के कारण जान गंवाने वाले नागरिकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की योजना बना रही है. मेघालय में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश के कारण पूर्वी खासी हिल्स जिले में एक बुजुर्ग महिला और एक नाबालिग सहित छह लोगों की मौत हो गई.

लुमकिनटुंग गांव में भूस्खलन के कारण 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि पोमलाकराई मावबिन्ना में लगातार बारिश के कारण 35 वर्षीय व्यक्ति डूब गया. मावकिनरू ब्लॉक में एक और मौत की खबर है, जब एक पेड़ 15 वर्षीय लड़के पर गिर गया.

मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने पीड़ितों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है. नागालैंड में, चुमौकेदिमा जिले के पगला पहाड़ में राष्ट्रीय राजमार्ग-29 पर शुक्रवार को चट्टानें गिरने की घटना में एक ट्रक चालक की मौत हो गई, जब चलती ट्रक पर चट्टानें और कीचड़ गिर गया. पश्चिमी त्रिपुरा जिले के जिरानिया में शुक्रवार को लगातार बारिश के बाद एक तालाब में मछली पकड़ते समय 16 वर्षीय तन्मय देबनाथ डूब गया.

मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने शनिवार को इंफाल शहर के विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. उन्होंने इंफाल नदी के किनारे विभिन्न स्थानों का दौरा किया और वहां की समग्र स्थिति का आकलन किया. राज्यपाल के साथ मुख्य सचिव, आयुक्त (गृह), पुलिस अधीक्षक (इम्फाल पूर्व) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी थे. यात्रा के दौरान राज्यपाल ने अधिकारियों को नदी की स्थिति पर बारीकी से नजर रखने और एहतियाती उपाय लागू करने के निर्देश दिए.

इसके अलावा, प्रभावित लोगों के लिए निकासी और अस्थायी राहत उपायों की व्यवस्था करने के लिए उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं. एसडीआरएफ और एनडीआरएफ इकाइयों को भी सतर्क कर दिया गया है. गुरुवार से हो रही बारिश के कारण बड़ी संख्या में घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और करीब एक लाख लोगों ने पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों में राहत शिविरों में शरण ली है. मध्यम से भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में जनजीवन को प्रभावित किया है. बारिश और भूस्खलन के कारण पूर्वोत्तर राज्यों के कई जिलों में सड़क संचार बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

गृह मंत्रालय (एमएचए) की ओर से जारी एक परामर्श में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों के पास बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में बना गहरा दबाव का क्षेत्र लगभग उत्तर दिशा की ओर बढ़ गया है और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों को पार कर गया है, जिसके कारण अधिकांश पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश हो रही है. सभी पूर्वोत्तर राज्यों ने बचाव और राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बलों, स्वयंसेवकों और राज्य सुरक्षा कर्मियों की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की है.

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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