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Jagdish Swami rode on the chariot in Mini Jagannathpuri | मिनी जगन्नाथपुरी में रथ पर सवार हुए जगदीश स्वामी: बलराम और बहन सुभद्रा के साथ भ्रमण पर निकले; पुरी में रथ रुकता है तब मानोरा आते हैं भगवान – Vidisha News

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मिनी जगन्नाथपुरी के नाम से प्रसिद्ध विदिशा के मानोरा गांव में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा अलसुबह शुरू हुई। भगवान जगन्नाथ के साथ बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा को रथ पर नगर भ्रमण हैं।आषाढ़ माह की दूज को हर साल निकलने वाली जगदीश रथ यात्रा आज बड़े धूमधाम

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यह परंपरा लगातार 200 सालों से चली आ रही है। जगन्नाथ पुरी की तरह मानोरा भी लोगों की आस्था और विश्वास का का केंद्र है, यही कारण है कि जगन्नाथ मानोरा धाम में भगवान जगदीश स्वामी के दर्शनों करने के लिए श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए भी पहुंचते हैं। इस बार भी रथ यात्रा के लिए 2 दिन पहले से भक्त मानोरा पहुंचने लगे थे।

मानोरा में भगवान जगदीश स्वामी का प्राचीन मंदिर है। जिसमें जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के श्रीविग्रह विराजमान हैं। आज मंदिर के गर्भगृह से निकलकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा रथ में विराजित हुए और फिर सुबह से रथ भ्रमण पर निकला। इस दौरान गांव के घर-घर में जगन्नाथ भगवान का स्वागत हुआ और श्रद्धालुओं ने उनकी पूजा-आरती की।

शंकराचार्य घोषणा करते हैं-भगवान अभी मानोरा गए हैं

मानोरा के भगवान जगदीश स्वामी की रथ यात्रा का सीधा संबंध उड़ीसा के पुरी में निकलने वाली रथ यात्रा से जुड़ा है। आज भी पुरी में जगन्नाथ स्वामी का रथ यात्रा के दौरान जिस समय रुक जाता है, वहां शंकराचार्य यह घोषणा करते हैं कि भगवान अब मानोरा चले गए हैं। तब विदिशा के मानौरा में उत्सव शुरू हो जाता है, क्योंकि पूरी से कुछ देर के लिए भगवान जगदीश मानौरा आ जाते हैं।

भगवान में मानोरा में दर्शन देने का किया था वादा

ऐसी मान्यता है कि यहां के भक्त तरफदार मानकचंद्र उनकी पत्नी पदमावती के साथ संतान कामना के लिए पैदल जगन्नाथ पुरी गए थे। तब मानकचंद्र की भक्ति से प्रभावित होकर भगवान ने उन्हें गांव में ही हर साल आकर दर्शन देने का वचन दिया था। साथ ही उन्हें गांव में ही मंदिर बनवाकर प्रतिमा स्थापित करने को कहा। ऐसी मान्यता है कि यहां प्रतिमाएं स्वयंभू प्रकट हुई थी। तब से हर साल यहां रथयात्रा निकाली जाती है। यह भी मान्यता है कि रथयात्रा के दिन मानोरा में बारिश जरूर होती है और यह बारिश इसलिए होती है क्योंकि इंद्र देवता भी जगदीश स्वामी का जलाभिषेक करते हैं।

प्रशासन भी अलर्ट

आज मानोरा आने वाले भक्तों के लिए रास्ते में जगह-जगह ठहरने और स्वल्पहार की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर लोग ने राई नृत्य करवा रहे हैं। भक्तों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए जिला प्रशासन ने हाईवे-146 पर यातायात को डायवर्ट किया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए चप्पे चप्पे पर पुलिस के जवान को तैनात है। वहीं सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जा रही है।

3-4 लाख तक लोगों के आने का अनुमान

पुलिस अधिकारी ने बताया कि रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी संख्या में पुलिस बल लगाया गया है। सीसीटीवी कैमरे मंदिर प्रांगण और मेला ग्राउंड पर लगाए गए हैं। वहीं भारी वाहनों का मार्ग डायवर्ट किया गया है।

पार्किंग की व्यवस्था, फायर बिग्रेड, अस्थाई अस्पताल, पुलिस कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। आज यहां लगभग 3 से 4 लाख श्रद्धालुओं का आने का अनुमान है। वहीं चैन स्नेचिंग पॉकेट मार की घटनाओं को रोकने के लिए सिविल ड्रेस में भी पुलिस के जवान पूरे मेला ग्राउंड में एवं मंदिर के पास मौजूद रहेंगे।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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