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पूर्व राज्यसभा सांसद और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेता अजय प्रताप सिंह ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को पाखंडी कहते हुए उनके हिंदू राष्ट्र के विचार की आलोचना की है। सिंह ने आरोप लगाया कि शास्त्री का हिंदू राष्ट्र का दृष
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उन्होंने स्वर्गीय हीरा सिंह मरकाम पर लगाए गए विदेशी फंडिंग के आरोपों को भी चुनौती दी। पूर्व सांसद ने कहा कि अगर शास्त्री के पास इन आरोपों के प्रमाण हैं तो वे सरकारों से जांच कराएं, अन्यथा नाक रगड़कर सार्वजनिक माफी मांगें।
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने हिंदू एकता के लिए पदयात्रा का आयोजन किया। शास्त्री का कहना है कि उनका उद्देश्य हिंदू समाज से जात-पात और छुआछूत को समाप्त करना है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में केवल दो वर्ग होने चाहिए – गरीब और अमीर।
हालांकि, शास्त्री के विचारों की विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक नेताओं ने आलोचना की है। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने उन पर राजपूत समाज का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उन्हें भाजपा का एजेंट बताया।
यह है अजय प्रताप सिंह का पूरा बयान
छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में एक कथित पाखंडी बागेश्वर महाराज विराजमान हैं। उनके कथित चमत्कार और पाखंड और छिछोरेपन को दुनिया आए दिन सोशल मीडिया के माध्यम से देखती है। ये वही महाराज हैं, जो भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करते हैं। हिंदू राष्ट्र यानी कि इस हिंदू राष्ट्र में चमार भी रहेंगे, डुमार भी रहेंगे, पशुहार भी रहेंगे, गोंड़ भी होंगे, कोल भी होंगे…तमाम अनुसूचित जाति-जनजातियां, आदिवासी जातियां होंगी। और उनके साथ उसी प्रकार तरीके से भेदभाव और छुआछूत का अभियान जारी रहेगा। ब्राह्मणवाद की सर्वोच्चता कायम रहेगी। ये ऐसे राष्ट्र के हिमायती हैं।
ये वही बागेश्वर महाराज हैं, जिन्होंने अभी हाल ही कुंभ में भगदड़ के कारण अनेक लोगों की मौत के संदर्भ में कहा है कि उन्हें मोक्ष प्राप्त हो गया है। काश! ऐसा मोक्ष इनको भी प्राप्त हो जाता गंगा के तट पर तो अति उत्तम रहता। यही बागेश्वर महाराज हैं, जिन्होंने दादा हीरा सिंह मरकाम पर ये आरोप लगाया है कि दादा हीरा सिंह मरकाम ने जो गोंड़ी सभ्यता, संस्कृति और स्वाभिमान, रीति रिवाज परंपरा को लेकर जनजातीय समाज में जो जनजागरण किया है, उसके लिए उन्हें विदेश से धन प्राप्त होता है। वे राष्ट्र विरोधी ताकतों के हाथ में खेल रहे हैं।
भाजपा सरकारों की आंखों के तारे हैं शास्त्री
मैं ऐसे बागेश्वर महाराज की कड़ी निंदा करता हूं। भर्त्सना करता हूं। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि अगर उनके पास कोई प्रमाण है तो जिसके माध्यम से वे आरोप लगा रहे हैं कि दादा हीरा सिंह मरकाम के आंदोलन को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को, गोंडवाना महासभा को अथवा गोंडी सभ्यता, संस्कृति, परंपरा के इस पुनर्जागरण आंदोलन को कोई विदेशाी फंडिंग हो रही है तो अपनी प्रिय भारतीय जनता पार्टी की सरकारें, केंद्र में मोदी सरकार, मध्यप्रदेश में मोहन सरकार, जिनके वे आंखों के तारे हैं, दुलारे हैं, उनसे वे जांच कराएं और इन संगठनों के प्रति कठोर कार्रवाई करें, अगर उनके पास कोई प्रमाण नहीं है तो मैं उनसे आग्रह करूंगा कि वे नाक रगड़कर इस आंदोलन के सभी कार्यकर्ताओं से माफी मांगें। स्वर्गीय दादा हीरा सिंह मरकाम से माफी मांगे।
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