PM Narendra Modi Britain Visit । India Britain FTA । India UK Free Trade Agreement । चीन की दादागिरी पर प्रहार, तुर्की की गलतफहमी भी दूर… एक साल में PM मोदी के विदेश दौरों से भारत को क्या मिला?
PM Narendra Modi News: पीएम नरेंद्र मोदी के पिछले एक साल के विदेश दौरे का आकलन करें तो यह सामरिक दृष्टि से काफी अहम रहे. घाना जाकर उन्होंने रेयर अर्थ मैटल पर डील की ताकि चीन की दादागिरी को कंट्रोल किया जा सके….और पढ़ें
पीएम नरेंद्र मोदी इस वक्त ब्रिटेन में हैं. (File Photo)
हाइलाइट्स
पीएम नरेंद्र मोदी ने चीन की दादगिरी पर प्रहार किया
पाकिस्तान समर्थन पर पीएम ने तुर्की को भी साफ संदेश दिया
पीएम मोदी के विदेश दौरे भारत के लिए काफी फायदेमंद रहे.
नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी जिस देश में भी जाते हैं, वहां छा जाते हैं. इस वक्त ब्रिटेन दौरे पर पीएम नरेंद्र मोदी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA के कारण चर्चा में हैं. इस एग्रीमेंट से भारत में खूब जॉब के अवसर पैदा होने का अनुमान लगाया जा रहा है. साथ ही विभिन्न क्षेत्र में व्यावसायों को फायदा होने की बात कही जा रही है. पिछले एक साल में प्रधानमंत्री ने जिन-जिन देशों का दौरा किया है, उनमें से अधिकांश ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा. पीएम ने चीन की रेयर अर्थ मैटर पर दादागिरी को ठिकाने लगाने का प्रयास किया. साथ ही तुर्की की गलतफहमी भी दूर की कि अगर वो पाकिस्तान का इस कदर साथ देगा तो भारत चुप नहीं बैठेगा. चलिए पिछले एक साल में प्रधानमंत्री के विदेश दौरों और उससे भारत को हुए फायदे के बारे में बताते हैं.
घाना (जुलाई 2025): पीएम मोदी के दौरे में व्यापार और निवेश समझौते हुए. घाना के दौरे पर रेयर अर्थ मिनरल्स की खनन डील हुई, जिसका उद्देश्य चीन की इस क्षेत्र में प्रभुत्व को चुनौती देना है. यह समझौता भारत और घाना के बीच संयुक्त खनन सहयोग पर आधारित है, जो भारत की रेयर अर्थ आपूर्ति पर चीन की निर्भरता को कम करेगा. इसके अलावा, इस दौरे में यूपीआई लागू करने पर भी एमओयू हुआ. यह कदम भारत की रणनीतिक कूटनीति का हिस्सा है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में चीन के एकाधिकार को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण है.
साइप्रस (जून 2025): पीएम नरेंद्र मोदी तुर्की के पड़ोसी देश साइप्रस गए थे. इस दौरे का मकसद भारत-साइप्रस संबंधों को मजबूत करना, आर्थिक सहयोग बढ़ाना और तुर्की को भू-राजनीतिक संदेश देना था. साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III’ से सम्मानित किया. यह दौरा ऑपरेशन सिंदूर के लिए साइप्रस के समर्थन और तुर्की समर्थित क्षेत्र के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण था.
त्रिनिदाद और टोबैगो (जुलाई 2025): इस दौरे में व्यापार और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहा. कोई बड़ा व्यापारिक सौदा दर्ज नहीं हुआ, लेकिन भारत ने त्रिनिदाद के साथ तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा दिया. देश ने पीएम मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया.
अर्जेंटीना (जुलाई 2025): भारत और अर्जेंटीना ने व्यापार और निवेश समझौते किए, विशेष रूप से कृषि और खनिज क्षेत्र में. अर्जेंटीना ने भी पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया.
ब्राजील (जुलाई 2025): जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्राजील के साथ व्यापार और पर्यावरण सहयोग पर चर्चा हुई. भारत-मर्कोसुर पीटीए (2004) के तहत ब्राजील के साथ पहले से व्यापारिक रिश्ते हैं. पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान मिला.
नामीबिया (जुलाई 2025): भारत और नामीबिया ने दो समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए: उद्यमिता विकास केंद्र और स्वास्थ्य व चिकित्सा सहयोग. डिजिटल भुगतान प्रणाली (UPI जैसी) शुरू करने और नामीबिया का भारत की ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस में शामिल होना बड़ी उपलब्धियां रहीं. मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला.
अमेरिका (2025): भारत और अमेरिका ने जुलाई 2025 में पांचवें दौर की द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) वार्ता पूरी की. यह अंतरिम डील 1 अगस्त 2025 से पहले ट्रम्प टैरिफ से बचने के लिए थी, जो 26% तक हो सकते थे. डील में कृषि, ऑटोमोबाइल और SCOMET (दोहरे उपयोग की वस्तुएं) शामिल थे.
थाईलैंड (सितंबर 2024): पीएम मोदी की यात्रा में यूके-थाईलैंड उन्नत व्यापार साझेदारी पर हस्ताक्षर हुए, जो भविष्य में FTA की दिशा में कदम है. कोई तत्काल व्यापारिक राशि दर्ज नहीं.
श्रीलंका (2025): भारत-श्रीलंका FTA पहले से लागू है. दौरे में आर्थिक सहयोग और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चर्चा में रहीं.
सऊदी अरब (2025): यह दौरा मूल रूप से ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर केंद्रित रहा. भारत और सउदी के बेहद पुराने और गहरे संबंध हैं. पहलगाम हमला होने के बाद पीएम सउदी दौरा बीच में ही छोड़कर वापस दिल्ली लौटे थे.
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें