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पुलवामा से लेकर पहलगाम तक… आतंकी गठजोड़ का अंत! PM मोदी का आतंक पर करारा प्रहार, थर-थर कांप रहा भस्मासुर

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नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में एक बार फिर आतंकियों का क्रूर चेहरा सामने आया है. आतंकियों ने क्रूरता के साथ 26 लोगों की हत्या कर दी. इस आतंकी हमले ने साल 2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले की याद दिला दी. दोनों आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने आतंक के आकाओं को ना केवल चेताया बल्कि कार्रवाई भी की. इस समय भी पाकिस्तान को कूटनीतिक और आर्थिक रूप से अलग-थलग किया जा रहा है.

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जिस तरह पहलगाम में आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी ठीक उसी तरह पुलवामा हमले के बाद भी पीएम मोदी ने चेतावनी दी थी. इसके बाद पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक भी किया गया था. इस खबर में आए दोनों हमले के बाद पीएम मोदी ने अपने भाषण में क्या कहा था वह जानते हैं.

पुलवामा हमले में 44 CRPF जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद पीएम मोदी ने कहा था कि इस आतंकी घटना के पीछे जो ताकत है उसे जरूर सजा दी जाएगी. उन्होंने कहा था कि इस समय जो देश की अपेक्षाएं हैं, कुछ कर गुजरने की भावनाएं हैं, वो स्वाभाविक हैं. हमारे सुरक्षा बलों को पूर्ण स्वतंत्रता दी हुई है. हमें अपने सैनिकों के शौर्य पर पूरा भरोसा है.

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लड़ाई हम जीतने के लिए लड़ रहे हैं- पुलवामा हमले के बाद PM मोदी
उन्होंने अपने भाषण में आगे कहा था, ‘मुझे पूरा भरोसा है कि देशभक्ति के रंग में रंगे लोग सही जानकारियां भी हमारी एजेंसियों तक पहुंचाएंगे, ताकि आतंक को कुचलने में हमारी लड़ाई और तेज हो सके. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि उनका सभी साथियों से अनुरोध है कि यह वक्त बहुत संवेदनशील और भावुक है. सभी राजनीतिक छींटाकशी से दूर रहें. इस हमले का देश एकजुट होकर मुकाबला कर रहा है. देश का एक ही स्वर है और यही पूरे विश्व में सुनाई देना चाहिए क्योंकि लड़ाई हम जीतने के लिए लड़ रहे हैं.

पुलवामा हमले के बाद क्या-क्या हुई थी कार्रवाई?
भारत ने हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान को दिया गया मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया था. यह कदम पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बनाने के उद्देश्य से उठाया गया था. भारत ने अंतराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थन करने वाले देश के रूप में उजागर करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए थे. फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) से पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट में डालने का आग्रह किया गया था.

भारत ने पाकिस्तान से आयातित सभी वस्तुओं पर सीमा शुल्क को 200% तक बढ़ा दिया था, जिससे द्विपक्षीय व्यापार लगभग ठप हो गया था. सिंधु जल संधि के तहत भारत द्वारा पाकिस्तान को दिए जाने वाले पानी की आपूर्ति को रोकने की भी बात की गई थी, हालांकि बाद में इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

पहलगाम हमले में शामिल आतंकी का घर ध्वस्त. (फोटो AP)

आतंकियों पर मौत बनकर टूटी थी इंडियन एयरफोर्स
पुलवामा हमले के जवाब में भारतीय वायु सेना (IAF) ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के एक कथित आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमला किया था. भारत ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर अपनी सैन्य उपस्थिति और निगरानी बढ़ा दी थी. जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ तलाशी और घेराबंदी अभियान तेज कर दिए गए थे.

पहलगाम के बाद क्या बोले PM मोदी?
पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में आतंकवाद के खिलाफ खुली जंग का ऐलान किया. बिहार के मधुबनी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आतंकियों और आतंक की साजिश रचने वाले पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी यह हमला किया है उन आतंकियों को और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी.

उन्होंने आगे कहा ‘हमला सिर्फ निहत्थे पर्यटकों पर नहीं हुआ, देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है. मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं, जिन्होंने यह हमला किया, उन आतंकियों को और इस हमले की साजिश रचने वालों को, उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी, सजा मिलकर के रहेगी.’

पहलगाम के बाद भारत ने अब तक पाकिस्तान पर क्या कार्रवाई की?
पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कई तरह की कार्रवाइयां की हैं. ये कार्रवाइयां राजनयिक, आर्थिक और कुछ हद तक सैन्य हैं. भारत ने पाकिस्तान के साथ अपने राजनयिक संबंधों को कम कर दिया है. नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात सैन्य सलाहकारों को पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित कर दिया गया है और उन्हें देश छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है. इसके साथ ही इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से भी समकक्ष सैन्य सलाहकारों को वापस बुला लिया गया है. दोनों देशों के उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 करने का निर्णय लिया गया है. इसे 1 मई तक लागू किया जाएगा.

सार्क वीजा छूट योजना (SVES) रद्द
भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. पहले जारी किए गए सभी SVES वीजा भी रद्द माने जाएंगे और इस वीजा पर भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है. भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सभी प्रकार की वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. मेडिकल वीजा धारकों को छोड़कर सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है. मेडिकल वीजा वाले 29 अप्रैल तक रह सकते हैं.

अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तानी नागरिक. (फोटो PTI)

अटारी सीमा चौकी बंद
भारत ने अटारी स्थित एकीकृत चेक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है. इससे दोनों देशों के बीच आवाजाही रुक गई है. हालांकि, वैध दस्तावेज वाले व्यक्तियों को 1 मई से पहले वापस लौटने की अनुमति है. इसके साथ ही भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के साथ अपने सहयोग को निलंबित कर दिया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त नहीं कर देता. अटारी सीमा चौकी को बंद करने और सीमा शुल्क में पहले से की गई वृद्धि के कारण द्विपक्षीय व्यापार पहले से ही काफी हद तक प्रभावित है.

वहीं भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर अपनी निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने श्रीनगर का दौरा कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं. जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं. कुछ आतंकवादियों के घरों को भी ध्वस्त किया गया है.

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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