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माता वैष्‍णो देवी और अयोध्‍या राम मंद‍िर का वक्‍फ बिल पर बहस में जिक्र क्‍यों? कांग्रेस-सपा सांसदों ने उठाए सवाल

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Ikra Hasan Mata Vaishno Devi News: संसद में वक्‍फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान माहौल उस समय गर्मा गया जब समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन और कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने अपने बयानों में माता वैष्‍ण…और पढ़ें

माता वैष्‍णो देवी और अयोध्‍या राम मंद‍िर का वक्‍फ बिल पर बहस में जिक्र क्‍यों?

इकरा हसन ने राम मंद‍िर ट्रस्‍ट का हवाला देते हुए वक्‍फ संशोधन बिल को गलत बताया.

हाइलाइट्स

  • इकरा हसन- वेणुगोपाल ने राम मंद‍िर ट्रस्‍ट में क‍िए प्रावधानों पर सवाल उठाया.
  • वेणुगोपाल ने पूछा-माता वैष्णो देवी ट्रस्‍ट के ल‍िए बना कानून वक्‍फ से अलग क्‍यों
  • सरकार का जवाब-इसका किसी अन्य धार्मिक संस्थान से कोई संबंध नहीं है.

लोकसभा में वक्‍फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान माता वैष्‍णो देवी और अयोध्‍या राम मंद‍िर का जिक्र भी आया. कैराना से सपा सांसद इकरा हसन और कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने पूछा क‍ि मुसलमानों के ल‍िए ही ऐसा कानून क्‍यों? माता वैष्‍णो देवी और अयोध्‍या के राम मंद‍िर के लिए तो अलग कानून बनाया गया है. इस पर बीजेपी के सांसद तमतमा उठे. भाजपा सांसदों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि माता वैष्णो देवी और अयोध्या राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं, इन्हें वक्फ संपत्तियों के साथ जोड़ना अनुचित है. कुछ सांसदों ने कहा कि इस तरह की तुलना करके विपक्ष धार्मिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रहा है.

इकरा हसन ने क्‍या कहा?
विपक्ष के सांसदों ने कहा, अगर सरकार वक्फ संपत्तियों की जांच करा सकती है, तो क्या माता वैष्णो देवी और अयोध्या राम मंदिर की संपत्तियों की भी जांच होगी? सपा सांसद इकरा हसन ने कहा, ये वही सरकार है जिसने राम जन्‍मभूमि ट्रस्‍ट में लिख दिया क‍ि ज‍िलाध‍िकारी अगर होगा तो ह‍िन्‍दू होना चाह‍िए. कोई मुझे बताए क‍ि वहां पर सेक्‍युर‍िज्‍म का रस क्‍यों नहीं घोला गया. उन्‍होंने कहा, नए कानून में जो प्रावधान हैं, वे अन्‍य धार्मिक ट्रस्‍टों पर लागू नहीं होते तो फ‍िर वक्‍फ बोर्ड के साथ ये सौतेला व्‍यवहार क्‍यों क‍िया जा रहा है.

वेणुगोपाल ने भी उठाया सवाल
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी ऐसा ही दावा क‍िया. उन्‍होंने कहा, अगर पारदर्शिता की बात हो रही है, तो फिर सभी धार्मिक संस्थाओं पर होनी चाहिए. सरकार को जवाब देना चाहिए कि क्या यह नियम समान रूप से लागू होगा या सिर्फ वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर ही ध्यान केंद्रित किया जाएगा? वेणुगोपाल ने वैष्णो देवी अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि वैष्‍णो माता ट्रस्‍ट में तय कर द‍िया गया है क‍ि बोर्ड का अध्यक्ष जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल होना चाहिए और यदि वह हिंदू नहीं हैं, तो वह हिंदू धर्म को मानने वाले किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति को नामित कर सकता है. देवस्‍थानम बोर्ड में भी ऐसा ही क‍िया गया है. फिर आप वक्फ बोर्ड के साथ भेदभाव क्यों कर रहे हैं?

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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