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इतनी उम्र में तो लिखना-पढ़ना भी नहीं सीख पाते! इस बच्चे ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया, वो भी सिर्फ 23 मिनट में

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Tamil Nadu: तंजावुर में 6 साल के जया साईकांत ने 23 मिनट 53 सेकंड में 6 किलोमीटर की स्केटिंग कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. उसने बाल सुरक्षा पर जागरूकता फैलाने के लिए यह कारनामा किया, जिससे उसकी मां बेहद गर्व महसूस कर…और पढ़ें

इतनी उम्र में लिखना-पढ़ना नहीं सीख पाते! इस बच्चे ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया..

6 साल के बच्चे ने स्केटिंग में बनाया रिकॉर्ड

तमिलनाडु के तंजावुर में रहने वाले 6 साल के जया साईकांत ने अपनी शानदार स्केटिंग से सबको चौंका दिया है. इतनी छोटी उम्र में उसने 6 किलोमीटर की दूरी महज 23 मिनट और 53 सेकंड में स्केटिंग करते हुए पूरी कर ली. यह कोई मामूली बात नहीं है, क्योंकि यह कारनामा करने वाले जया साईकांत का नाम अब बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है.

पढ़ाई में भी होशियार, स्केटिंग में भी माहिर
जया साईकांत पहली कक्षा में पढ़ता है और पढ़ाई में अच्छा है. लेकिन उसका असली जुनून स्केटिंग है. वह पिछले दो सालों से स्केटिंग की ट्रेनिंग ले रहा है और उसकी मेहनत अब रंग लाई है. इतनी कम उम्र में वह अपने कौशल से सभी को हैरान कर रहा है.

बच्चों की सुरक्षा के लिए किया अनोखा प्रयास
इस रिकॉर्ड को बनाने के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि ही मकसद नहीं था. जया साईकांत ने बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए स्केटिंग की. उसने तंजावुर मेडिकल कॉलेज से जिला कलेक्टर कार्यालय तक स्केटिंग की, ताकि लोगों का ध्यान बच्चों की सुरक्षा की ओर जाए. इतनी छोटी उम्र में समाज के प्रति इस तरह का सोच रखना वाकई काबिले तारीफ है.

मां को बेटे पर गर्व
जया साईकांत की मां सिंधुजा इस सफलता से बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा, “मेरा बेटा सिर्फ 6 साल का है और दो साल की मेहनत के बाद उसने यह उपलब्धि हासिल की है. बच्चों को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें खेलों में भी भाग लेना चाहिए.”

छोटे बच्चे ने दी बड़ी सीख
आज के समय में जब बच्चे ज्यादातर मोबाइल और टीवी में व्यस्त रहते हैं, जया साईकांत की यह उपलब्धि एक प्रेरणा है. यह दिखाता है कि अगर किसी चीज को करने का जुनून हो, तो उम्र मायने नहीं रखती. यह कारनामा सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि हर बच्चे और माता-पिता के लिए एक सीख भी है कि खेलकूद में रुचि लेना कितना जरूरी है.

भविष्य में और बड़े सपने
इस रिकॉर्ड के बाद जया साईकांत के माता-पिता और प्रशिक्षकों को उम्मीद है कि वह आगे भी और बड़े रिकॉर्ड बनाएगा. उसकी मेहनत और लगन देखकर यह कहा जा सकता है कि वह भविष्य में भी देश का नाम रोशन करेगा. उसके इस प्रदर्शन से अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे अपने शौक और प्रतिभा को आगे बढ़ाएं.

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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