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‘इसमें चाय बगानों की सुगंध…’ पीएम मोदी ने आदिवासी समुदाय के साथ जमकर बजाया ढोल

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पीएम मोदी ने असम यात्रा में 9,000 नर्तकों संग झुमोर डांस देखा, ढोल बजाया और असमिया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की घोषणा को दोहराया. इस मौके पर चाय उद्योग के 200 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया गया.

इसमें चाय बगानों की सुगंध... पीएम मोदी ने आदिवासी समुदाय के साथ जमकर बजाया ढोल

पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के आदिवासी समुदाय का डांस देखा. (Image:News18)

हाइलाइट्स

  • पीएम मोदी ने असम यात्रा में 9,000 नर्तकों संग झुमोर डांस देखा.
  • पीएम मोदी ने असमिया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की घोषणा को दोहराया.
  • असम के चाय उद्योग के 200 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया गया.

गुवाहाटी. पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को असम की अपनी दो दिवसीय यात्रा की शुरुआत भव्य झुमोर डांस देखने के साथ की. इसमें लगभग 9,000 नर्तक और ढोल वादक शामिल हुए और इस अवसर पर पीएम मोदी ने पारंपरिक ढोल ‘धोमसा’ बजाया. पीएम मोदी जनजाति समुदाय के पारंपरिक ढोल को जोश और मुस्कान के साथ बजाते हुए देखे गए, जबकि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और राज्य के सांसद उन्हें देख रहे थे. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि असम में आज यहां अद्भुत माहौल है. ऊर्जा से भरा हुआ माहौल है. उत्साह, उल्लास और उमंग से ये पूरा स्टेडियम गूंज रहा है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि झूमर नृत्य के आप सभी कलाकारों की तैयारी हर तरफ नजर आ रही है. इस जबरदस्त तैयारी में चाय बगानों की सुगंध भी है और उनकी सुंदरता भी है. इस जबरदस्त तैयारी में चाय बगानों की सुगंध भी है और उनकी सुंदरता भी है. मैं असम के काजीरंगा में रुकने वाला, दुनिया को उसकी जैव विविधता के बारे में बताने वाला पहला प्रधानमंत्री हूं.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने कुछ ही महीने पहले असमिया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा भी दिया है. असम के लोग अपनी भाषा के इस सम्मान का इंतजार दशकों से कर रहे थे. ये भव्य कार्यक्रम असम के गौरव से जुड़े हैं और भारत की समृद्ध विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं. असम का अनुभव करने के लिए विभिन्न देशों के 60 से अधिक राजदूत यहां आए हैं.

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इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम में असम सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में असम के चाय उद्योग के 200 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया गया. इस मौके पर चाय जनजाति समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाया गया. विदेश मंत्री एस जयशंकर और लगभग 60 देशों के मिशन प्रमुखों ने भी ‘झुमोर बिनंदिनी’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसमें पूर्वोत्तर राज्य की जीवंत परंपराओं को दुनिया के दर्शकों के सामने पेश किया गया. इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने चाय के साथ असम के गहरे जुड़ाव को कबूल किया और चाय बेचने वाले के रूप में अपने खुद के अतीत का हवाला दिया.

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इसमें चाय बगानों की सुगंध… पीएम मोदी ने आदिवासी समुदाय के साथ जमकर बजाया ढोल

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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