Home देश/विदेश 14 मीटर बड़ा, एक टन वजनी… इस देश में मिला एनाकोंडा-अजगर से...

14 मीटर बड़ा, एक टन वजनी… इस देश में मिला एनाकोंडा-अजगर से भी बड़ा सांप! अवशेष का आकार देख वैज्ञानिक भी हिल गए

58
0

[ad_1]

Last Updated:

Google search engine

Titanoboa Cerrejonensis: टाइटेनोबोआ सेरेजोनेसिस सांप के अवशेष साउथ अमेरिका के कोलंबिया की कोयला खादान में मिले. 14 मीटर बड़ा और एक टन वाला यह सांप पृथ्‍वी के इतिहास में सबसे लंबा और वजनी सांप माना जा रहा है. वै…और पढ़ें

इस देश में मिला एनाकोंडा से बड़ा सांप! अवशेष का आकार देख वैज्ञानिक भी हिल गए

कोलंबिया की कोयला खादान में यह सांप पाया गया. (File Photo)

हाइलाइट्स

  • टाइटेनोबोआ सेरेजोनेसिस सांप के अवशेष कोलंबिया की कोयला खादान में मिले.
  • 14 मीटर बड़ा और एक टन वाला यह पृथ्‍वी का सबसे लंबा और वजनी सांप है
  • वैज्ञानिकों का दावा है कि यह सांप 500 करोड़ साल पहले पृथ्‍वी पर जीवित हो सकता है
नई दिल्‍ली. हमें बचपन से पढ़ाया गया है कि एनाकोंडा और अजगर दुनिया के सबसे बड़े सांपों की लिस्‍ट में आते हैं, लेकिन कोलंबिया में हाल ही में कुछ ऐसा हुआ, जिसने इतिहास को ही बदलकर रख दिया. यहां वैज्ञानिकों ने एक ऐसे सांप के अवशेषों को खोज निकला, जिसका आकार कुल 14 मीटर बड़ा बताया जा रहा है. इतना ही नहीं, इस सांप का वजन एक टन होने की बात कही गई है. इस सांप को टाइटेनोबोआ सेरेजोनेसिस (Titanoboa Cerrejonensis) नाम दिया गया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि टाइटेनोबोआ करीब 58 मिलियन यानी 500 करोड़ से भी ज्‍यादा साल पहले पृथ्‍वी पर पाए जाते थे. इस सांप को अबतक पृथ्‍वी का सबसे बड़ा और सबसे भारी सांप कहा जा रहा है.

पैलियोसीन युग में जीवित था ये सांप

टाइटेनोबोआ को कोलंबिया के सेरेजोन कोयला खदान में पाया गया. यह खोज दुनिया के प्राचीन इको-सिस्‍टम, जलवायु परिस्थितियों पर हमारी समझ को बढ़ाती है. साथ ही सांपों और डायनासोर को लेकर हमारी समझ को मजबूत करती है. दावा किया जा रहा है कि ये सांप पैलियोसीन युग के दौरान पनपा था. यह पृथ्वी के इतिहास का एक महत्वपूर्ण समय था. यह काल पृथ्‍वी से डायनासोर के विलुप्त होने के बाद आया था. टाइटेनोबोआ को इसका विशाल आकार अलग बनाता है. साथ ही उस जमाने में सांपों के जीवित रहने के लिए उपलब्‍ध वातावरण की भी जानकारी देती है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रजाति 2009 तक विज्ञान के लिए लगभग अज्ञात थी. तब उत्तरी कोलंबिया में सेरेजोन कोयला खदान में जीवाश्मों का पता लगाया गया था. इस खोज ने सरीसृपों के विकास और बड़े पैमाने पर विलुप्त होने के बाद उभरे ट्रॉपिकल वेदर पर हमारी समझ को बदल दिया है.

गीले-दलदली क्षेत्र में रहता था टाइटेनोबोआ सांप

वैज्ञानिकों का मानना है कि टाइटेनोबोआ सांप 58 से 60 मिलियन वर्ष पहले पृथ्वी पर घूम करता था. तब डायनासोर के लुप्त होने के बाद पारिस्थितिक सुधार के समय के दौरान. इसके अवशेष उस जगह पर पाए गए जो कभी गीला और दलदली वर्षावन था. अब वहां सेरेजोन खदान है. यह स्थल पैलियोसीन का अध्ययन करने वाले जीवाश्म विज्ञानियों के लिए एक खजाना बन गया है, जो प्रारंभिक उष्णकटिबंधीय जीवन की समृद्ध विविधता को दर्शाता है. गर्मी और नमी से भरपूर प्राचीन वर्षावन ने टाइटेनोबोआ जैसे ठंडे खून वाले जानवरों को ऐसे असाधारण आकार में बढ़ने के लिए एकदम सही वातावरण प्रदान किया.

Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

homeworld

इस देश में मिला एनाकोंडा से बड़ा सांप! अवशेष का आकार देख वैज्ञानिक भी हिल गए

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here