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राजस्थान की राजनीति और किताब विवाद, नया नहीं है पहले भी होता रहा है बीजेपी-कांग्रेस में घमासान, पढे़ं इतिहास

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Rajasthan Politics : राजस्थान में एक बार फिर स्कूली पाठ्यक्रम की किताब ‘आजादी के बाद स्वर्णिम भारत’ को लेकर घमासान मचा हुआ है. सूबे में इससे पहले भी स्कूली पाठ्यक्रम की किताबों को लेकर घमासान मचता रहा है. जानें…और पढ़ें

राजस्थान की राजनीति और किताब विवाद, पहले भी होता रहा है घमासान, जानें इतिहास

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अकबर को लेकर भी कई बार बयान दे चुके हैं.

हाइलाइट्स

  • राजस्थान में स्कूली किताब ‘स्वर्णिम भारत’ पर विवाद.
  • किताब में बीजेपी नेताओं का जिक्र नहीं, वितरण पर रोक.
  • अकबर और चित्तौड़गढ़ जौहर पर भी पहले विवाद हो चुका है.
जयपुर. राजस्थान में एक बार फिर से स्कूली पाठ्यक्रम की किताब को लेकर विवाद छिड़ गया है. यह विवाद राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की किताब ‘आजादी के बाद स्वर्णिम भारत’ लेकर मचा है. सरकार ने फिलहाल इस किताब को पढ़ाने पर रोक लगा दी है. राजस्थान में यह पहला मामला नहीं है जब स्कूली पाठ्यक्रम को लेकर घमासान मचा है. इससे पहले भी राजस्थान में इस तरह के विवाद सामने आते रहे हैं. मामला चाहे मुगल शासक अकबर को महान बताने का हो या फिर चित्तौड़गढ़ के जौहर से जुड़ी फोटो किताब के कवर पेज से हटाने का हो राजस्थान में ऐसे विवाद सामने आते रहे हैं.

अभी जिस किताब को लेकर बवाल मचा हुआ है उसमें कांग्रेस के नेताओं पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी राजीव गांधी और मनमोहन सिंह समेत कई नेताओं के बारे में बताया गया है लेकिन बीजेपी के पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान पीएम नरेन्द्र मोदी का जिक्र तक नहीं है. इससे भजनलाल सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर खफा हैं. लिहाजा इस किताब के वितरण और पढ़ाने दोनों पर रोक लगा दी गई है. यही नहीं आज इस मामले में सरकार ने बड़ा एक्शन भी ले लिया है.

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बोर्ड के असिस्टेंट डायरेक्टर दिनेश कुमार ओझा को किया एपीओ
सरकार ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के सीनियर असिस्टेंट डायरेक्टर दिनेश कुमार ओझा को एपीओ कर दिया है. ओझा को एपीओ कर उनका मुख्यालय शिक्षा निदेशालय बीकानेर किया गया है. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव कैलाश चंद शर्मा ने इसकी पुष्टि की है. सरकार के इस एक्शन से बोर्ड में हड़कंप मचा हुआ है. यह किताब 12वीं के 4,90,000 स्टूडेंट्स तक तक पहुंचानी थी. इसमें से 80 प्रतिशत स्टूडेंट्स को यह किताब बांटी जा चुकी है. लेकिन अब इसका वितरण रोक दिया गया है.

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अकबर को लेकर हो चुका है विवाद
राजस्थान में इससे पहले स्कूली पाठ्यक्रम में अकबर को महान बताने और हल्दी घाटी युद्ध के परिणाम को लेकर भी बवाल मच चुका है. शिक्षामंत्री मदन दिलावर कई बार इसको लेकर बयान दे चुके हैं. उस पर बवाल मच चुका है. दिलावर ने बीते वर्ष अक्टूबर माह में उदयपुर में आयोजित 28वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में ऐलान किया था कि अब राजस्थान में यह नहीं पढ़ाया जाएगा कि अकबर महान था. उन्होंने कहा कि अकबर महान नहीं था बल्कि मीना बाजार लगाता था. किताब में तथ्यों को तोड़ मरोड़कर छापा गया है लेकिन राजस्थान में स्वीकार नहीं होगा.

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चित्तौड़गढ़ जौहर की फोटो गहलोत सरकार में मचा था बवाल
इससे पहले 2019 में स्कूली पाठ्यक्रम की नवीं कक्षा की अंग्रेजी की किताब से चित्तौड़गढ़ के किले में हुए ऐतिहासिक जौहर की तस्वीर हटाने पर खासा सियासी बवाल मच गया था. इस मामले को लेकर बीजेपी ने तो आपत्ति उठाई ही थी तत्कालीन गहलोत सरकार के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटसरा और सैनिक कल्याण मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी आमने सामने हो गए थे. खाचरियावास का कहना था कि कहा कि जौहर राजस्थान के इतिहास का गौरव है. इसे बदलने का हक किसी को नहीं है. इस पर भी खासा बवाल मचा था. अब ताजा विवाद से एक बार फिर से राजस्थान की सियासत गरमाई हुई है.

(इनपुट- अशोक सिंह भाटी)

Sandeep Rathore

संदीप ने 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की शुरुआत की. कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर भी रह चुके हैं. 2017 से News18 से जुड़े हैं.

संदीप ने 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की शुरुआत की. कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर भी रह चुके हैं. 2017 से News18 से जुड़े हैं.

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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