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ये कैसी शादी है भाई! दूल्हा एक, मंडप एक लेकिन दुल्हन दो…7 फेरे भी दोनों के साथ लिए

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तेलंगाना के कोमुरमभीम आसिफाबाद जिले में एक बार फिर हैरान करने वाली शादी की घटना सामने आई है. इस बार एक युवक ने दो युवतियों के साथ एक ही मंडप में, एक ही समय पर शादी कर ली. शादी कोई आम रस्म नहीं, बल्कि सात वचनों और उम्रभर के साथ का वादा होती है. लेकिन इस युवक ने दो प्रेमिकाओं को एक ही छतरी के नीचे सात फेरे लेने के लिए राज़ी कर लिया.

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पहली प्रेमिका को नहीं था दूसरी के बारे में पता
घटना जिले के जैनूर मंडल के अडेसरा गांव की है. यहां के युवक अत्राम चतुष्शव का चार साल से गांव की ही एक युवती जंगूबाई से प्रेम संबंध था. दोनों एक-दूसरे को शादी का वादा भी कर चुके थे. इसी दौरान चतुष्शव की मुलाकात केरमेरी मंडल के सांगी गांव की सोन देवी से हुई और धीरे-धीरे वह उससे भी प्रेम करने लगा. जंगूबाई को इस दूसरी लड़की के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.

जब सच्चाई सामने आई, तो राय सेंटर पहुंचा मामला
कुछ दिन पहले जब जंगूबाई को अपने प्रेमी की दूसरी लड़की से नजदीकियों की खबर मिली, तो उसने न्याय की मांग करते हुए ‘राय सेंटर’ का दरवाजा खटखटाया. राय सेंटर आदिवासी समाज में फैसले लेने वाली पारंपरिक पंचायत जैसी संस्था है. दोनों परिवारों को बुलाया गया और बातचीत के बाद चौंकाने वाला फैसला लिया गया.

दोनों लड़कियों ने शादी के लिए दे दी सहमति
राय सेंटर की बैठक में जब दोनों लड़कियों से पूछा गया कि वे क्या चाहती हैं, तो दोनों ने हैरानी भरा जवाब दिया. उन्होंने सबके सामने कहा कि वे चतुष्शव से शादी करना चाहती हैं, चाहे वह एक और युवती से भी विवाह कर रहा हो. इसके बाद समाज के बुजुर्गों की मौजूदगी में चतुष्शव की दोनों युवतियों से एक साथ शादी करवा दी गई.

लिखित वादा: दोनों पत्नियों की करूंगा देखभाल
शादी के दौरान चतुष्शव से एक आश्वासन पत्र भी लिखवाया गया, जिसमें उसने यह कहा कि वह अपनी दोनों पत्नियों की बराबरी से देखभाल करेगा और उन्हें हर तरह का सम्मान देगा. हालांकि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी मानकों के अनुसार वैध नहीं मानी जा सकती.

पहले भी हो चुकी है ऐसी ही शादी
यही नहीं, ठीक एक महीने पहले इसी जिले के सिरपुर मंडल के गुन्नूर गांव में भी एक युवक ने दो लड़कियों से एक साथ शादी की थी. उस समय भी समाज में काफी चर्चा हुई थी, लेकिन प्रशासन या कानून की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

आदिवासी समाज में नहीं है दो शादियों की परंपरा
हालांकि, स्थानीय आदिवासी युवाओं और समाज के जानकारों का कहना है कि उनके रीति-रिवाजों में एक पुरुष द्वारा एक से ज्यादा विवाह की कोई परंपरा नहीं है. हां, अगर पत्नी की मृत्यु हो जाए, तब बच्चों की परवरिश के लिए दूसरा विवाह होता है. लेकिन एक ही समय पर दो शादी करना उनकी परंपरा के खिलाफ है.

कानूनी नजरिए से यह विवाह अवैध
कानून के जानकारों का कहना है कि भारतीय कानून के तहत कोई भी व्यक्ति एक समय में सिर्फ एक ही विवाह कर सकता है. अगर कोई दूसरी शादी करता है, तो वह अवैध मानी जाएगी और सिर्फ पहली पत्नी को ही कानूनी मान्यता मिलेगी. ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई भी हो सकती है.

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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