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भारत कर रहा ऐसा जुगाड़, थर-थर कांपेंगे चीन और पाकिस्‍तान, पलभर में दुश्‍मन के छूटेंगे छक्‍के – indian air force mi 17 v5 helicopter upgradation bel contracts defense ministry china pakitan border

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MI-17 V5 Helicopter News: भारत अपने बॉर्डर को मजबूत करने में जुटा है. इसी क्रम में अब MI-17 V5 हेलीकॉप्‍टर को अपग्रेड करने की योजना पर एक और कदम बढ़ाया गया है.

भारत कर रहा ऐसा जुगाड़, थर-थर कांपेंगे चीन और पाकिस्‍तान

MI-17 V5 को अपग्रेड करने के लिए BEL के साथ करार किया गया है.

नई दिल्‍ली. भारत ने अपने MI-17 V5 हेलीकॉप्टरों को और अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ी पहल की है. इसके लिए सोमवार को करीब 2,385 करोड़ रुपए की लागत वाला एक महत्वपूर्ण समझौता किया गया है. इससे एयरफोर्स के MI-17 V5 हेलीकॉप्टरों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट और एयरक्राफ्ट मॉडिफिकेशन किट तैयार की जाएगी. इसके लिए बीईएल के साथ साझेदारी तय की गई है. बता दे कि चीन और पाकिस्‍तान के साथ लगने वाली सीमा के अधिकांश इलाके भौगोलिक तौर पर काफी डिफिकल्‍ट हैं. MI-17 V5 को अपग्रेड करने से इन दोनों बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा और मजबूत और सशक्‍त होगी.

इंडियन एयरफोर्स के लिए इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट और एयरक्राफ्ट मॉडिफिकेशन किट के अधिग्रहण के साथ-साथ MI-17 V5 हेलीकॉप्टरों पर उनके इंस्टॉलेशन और संबंधित उपकरणों के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बेंगलुरु) के साथ 2,385.36 करोड़ रुपए की कुल लागत वाले एक कॉन्‍ट्रैक्‍ट पर हस्ताक्षर किए गए हैं. यह खरीद स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित उत्पादों की श्रेणी के तहत है. इस अनुबंध पर नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए.

मॉडर्न इलेक्‍ट्रॉनिक वॉरफेयर
हेलीकॉप्टर के अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट प्रतिकूल हालात में हेलीकॉप्टरों की ऑपरेशनल कैपेसिटी परिचालन क्षमता को काफी हद तक बढ़ाएगा. अधिकांश सब-असेंबली और पार्ट्स स्वदेशी निर्माताओं से लिए जाएंगे. यह प्रोजेक्‍ट एमएसएमई सहित भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित उद्योगों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देगी और प्रोत्साहित करेगी. यह MI-17 V5 हेलीकॉप्टर के लिए स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग है. यह योजना मेक-इन-इंडिया पहल के अनुरूप देश को आत्मनिर्भर भी बनाती है.

HAL से करार
कुछ दिन पहले ही रक्षा मंत्रालय ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ 156 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच), प्रचंड की आपूर्ति के लिए 62,700 करोड़ रुपए के दो अनुबंध किए हैं. पहला कॉन्‍ट्रैक्‍ट इंडियन एयरफोर्स को 66 प्रचंड लड़ाकू हेलीकॉप्टर और दूसरा भारतीय सेना को 90 हेलीकॉप्टर की आपूर्ति के लिए है. एलसीएच भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जो 5,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता रखता है. इस हेलीकॉप्टर में बड़ी संख्या में उपकरण भारत में डिजाइन तथा निर्मित किए गए हैं.

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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