बकस्वाहा।नगर परिषद बकस्वाहा ने रविवार को वार्ड क्रमांक 07 में स्थित कांजी हाउस परिसर पर कार्रवाई करते हुए वहां बनी बाउंड्रीवाल को ढहा दिया। यह कार्रवाई नगर परिषद द्वारा वर्ष 2024 में जारी नोटिसों के आधार पर की गई। नगर परिषद का दावा है कि उक्त भूमि पंचायत कालीन कांजी हाउस की है, जो नगर पंचायत के गठन के दौरान निकाय को हस्तांतरित हुई थी।
नगर परिषद के अनुसार यह स्थल वर्षों तक कांजी हाउस के रूप में उपयोग में रहा, जहां आवारा पशुओं को पकड़कर रखा जाता था। निकाय के कर पंजी के सरल क्रमांक 91 में यह संपत्ति आज भी कांजी हाउस, नगर परिषद बकस्वाहा के नाम से दर्ज है। वर्तमान में कांजी हाउस जीर्ण-शीर्ण होने के कारण परिषद द्वारा यहां समाज भवन/योग भवन निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।
इस मामले में नगर परिषद द्वारा 16 मई 2024 को वार्ड क्रमांक 07 निवासी अवधेश यादव को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में उल्लेख था कि उनके द्वारा निकाय की दीवार तोड़कर लकड़ी का गेट लगाते हुए निर्माण कार्य किया गया, जिससे नगर परिषद को लगभग 50 हजार रुपये की क्षति हुई। नोटिस में मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187(8) एवं 223(3) के उल्लंघन का हवाला देते हुए तय समय सीमा में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे।
नगर परिषद का कहना है कि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर रविवार को अमले द्वारा मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई।
वहीं अवधेश यादव का कहना है कि यह भवन उनके पूर्वजों का आवासीय मकान है और वह वर्षों से परिवार सहित वहां निवासरत हैं। उन्होंने नोटिस के जवाब में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण से इनकार किया है। अवधेश यादव का यह भी दावा है कि उक्त भूमि आज भी राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में खसरा नंबर 1390/2/2 और 1392/1/2 उनके नाम आज दिनांक तक दर्ज है, जिससे यह मामला और अधिक जटिल हो गया है।
सूचना अधिकार अधिनियम के तहत पीड़ित परिवार को नगर परिषद द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया है कि भूमि पंचायत कालीन है, खसरा उपलब्ध नहीं है, लेकिन निकाय के कर पंजी में उक्त स्थल कांजी हाउस के रूप में दर्ज है। एक ओर नगर परिषद के अभिलेख,में दर्ज है सूचना अधिकार के तहत् मांगी जानकारिया में कोई भी रिकार्ड या कागज उपलब्ध नहीं हुए तो दूसरी ओर राजस्व रिकॉर्ड में निजी नाम दर्ज होने से अब यह विवाद राजस्व एवं प्रशासनिक स्तर पर निर्णायक आदेश का विषय बन गया है।
*इनका कहना*
पीड़ित पक्ष द्वारा आवेदन आता है तो निश्चित जांच कराई जाएगी दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करेगे
*तहसीलदार भरत पाण्डेय*










