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खंडवा विधायक कंचन तनवे ने अपने खिलाफ लगी चुनाव याचिका रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन दिया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने अपना पक्ष रखने के लिए विधायक को 15 दिन का समय दिया है। अगली सुनवाई 5 नंवबर को होग
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गौरतलब है विधानसभा चुनाव-2023 में कांग्रेस प्रत्याशी कुंदन मालवीय ने विधायक कंचन तनवे पर गलत जाति प्रमाण पत्र चुनाव आयोग के सामने प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है। मालवीय ने विधायक तनवे के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई। जिसकी सुनवाई चल रही है। 3 अक्टूबर को हाईकोर्ट जज जीएस अहलुवालिया ने सुनवाई की। मामले में आदेश को रिजर्व रखते हुए उन्होंने 14 अक्टूबर को ऑर्डर जारी किया।
फैसले में विधायक तनवे के आवेदन को रिजेक्ट करने के साथ अपना लिखित बयान जमा करने के लिए 14 दिन यानी दो सप्ताह का वक्त दिया। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी। इस मामले में कांग्रेस प्रत्याशी रहे कुंदन मालवीय ने कहा विधायक कंचन तनवे ने याचिका को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन लगाया था। जिसे हाईकोर्ट सुनवाई के बाद रिजेक्ट कर दिया।
इधर, हाईकोर्ट ने कहा कि इस याचिका पर सुनवाई होगी और फैसला भी दिया जाएगा। वहीं विधायक कंचन तनवे ने कहा हमने अपनी ओर से आवेदन लगाया था। आवेदन में हमारी ओर से विलंब हुआ था। अपना जवाब हाईकोर्ट में प्रस्तुत करूंगी।
जाति प्रमाण पत्र में पिता की जगह पति का नाम
तनवे के जाति प्रमाण-पत्र में पिता की जगह पति का नाम है। कांग्रेस नेता ने इसी को आधार बनाकर चुनाव शून्य कराने की मांग की है। बताया जाता है कि कंचन तनवे जिला पंचायत का चुनाव लड़ रही थीं, तब रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें नोटिस दिया था। कहा था कि जाति प्रमाण पत्र प्रॉपर नहीं है। तब उन्होंने शपथ-पत्र दिया। इसमें समय नहीं होने का हवाला दिया। इसे स्वीकार करते हुए चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाएं। उसके बाद वे जिला पंचायत अध्यक्ष बन गईं।
हाईकोर्ट पहले लगा चुका है 50 हजार की कास्ट
3 महीने पहले भी जबलपुर हाईकोर्ट ने खंडवा की भाजपा विधायक कंचन तनवे पर 50 हजार रुपए की कास्ट लगाई थी। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की एकल पीठ ने यह राशि एक सप्ताह में लीगल सेल अथॉरिटी में जमा करने के आदेश दिए थे। अब आवेदन खारिज करने का फैसला भी न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की कोर्ट ने ही किया है।
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