Home मध्यप्रदेश Husband and wife returned home happily from Lok Adalat | लोक अदालत...

Husband and wife returned home happily from Lok Adalat | लोक अदालत से खुशी-खुशी घर गए पति पत्नी: जज ने कहा- कप प्लेट के झगड़े घर तक रहें, न्यायालय में न लाओ – Guna News

56
0

[ad_1]

शनिवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें विद्युत विभाग, जल कर, संपत्ति कर सहित कई मामले निपटाए गए। कई मामलों में अवार्ड पारित किया गया, जिनमे आपसी समझौते से राजीनामा हुआ। इसके अलावा फैमिली कोर्ट में भी कई जोड़ियों का राजीनामा हुआ। पति-पत्नी, खुशी

Google search engine

.

बता दें कि शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया था। इस दौरान कई खंडपीठ बनाई गई थीं, जहां मामलों को सुना गया और फिर उनका निराकरण किया गया। लोक अदालत में सैकड़ों मामले निराकृत हुए। विद्युत विभाग, जल कर, संपत्ति कर सहित अनेक मामले निपटाए गए।

फैमिली कोर्ट में लगभग 250 मामले आपसी समझौते से निपटारे के लिए लगाए गए थे। इनमे सिविल मामलों सहित क्रिमिल मामले भी शामिल थे। दोपहर 2 बजे तक ही यहां 32 मामलों का निराकरण हो गया था। शाम तक और भी मामले आपसी सहमति से निपटे। इस दौरान कई परिवारों को समझाइश देकर वापस मिलवाया गया।

इसी तरह एक मामला डाइवोर्स का था। गुना निवासी एक युवक की शादी वर्ष 2017 में अशोकनगर जिले की युवती से हुई थी। शुरुआत में सब कुछ ठीक चलता रहा। शादी के दो वर्ष बाद दोनों में झगड़े शुरू हो गए। पत्नी का कहना था कि पति प्रताड़ित करता है। वहीं पति का कहना था कि पत्नी अलग रहना चाहती है और इसी कारण सास ससुर से झगड़ा करती है। दोनों का ये झगड़ा इस हद तक पहुंच गया कि वर्ष 2023 में पति ने कोर्ट में डाइवोर्स के लिए केस लगा दिया।

केस की सुनवाई के दौरान दो बार जज ने उन्हे बुलाकर समझाया दो बार सुलह वार्ता भी कराई गई। दोनों को दो बच्चे भी हो गए थे। एक की उम्र चार वर्ष और एक की दो वर्ष है। कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश शरद भामकर ने उनको लगातार समझाया। इस मामले को लोक अदालत में रखा गया। लोक अदालत में भी जज ने उन्हे समझाया। इसके बाद दोनों साथ रहने राजी हुए और लोक अदालत से दोनों खुशी खुशी साथ घर गए।

जज ने उन्हे समझाते हुए कहा कि सभी पति पत्नी का आपस में झगड़ा होता है। घरेलू झगड़े कप प्लेट टूटने तक ही सीमित रहना चाहिए। ये झगड़े न्यायालय तक नहीं आने चाहिए। झगड़े में किसी परिजन को हस्तक्षेप को अनुमति नहीं देनी चाहिए। आपस में बैठकर घरेलू समस्या खुद ही निपटाना चाहिए, तभी दांपत्य जीवन सफल रूप से चल पाएगा। समझाइश के बाद दोनों लोग माने और साथ रहने को तैयार हुए।

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here