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मौसम परिवर्तन से जिले में हो रही बारिश, किसानों के लिए खुशी की बात हुई। बीते कुछ दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में लगी फसल को पानी की जरूरत थी। जिसे बुधवार, गुरुवार को हुई बारिश ने पूरा कर दिया।
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जिले में गुरुवार को सुबह से ही काले बादल छाए रहे। आसमानी गड़गड़ाहट के साथ सुबह 10 बजे से तेज बारिश ने माहौल को खुशनुमा बनाने के साथ ही वातावरण को ठंडा कर दिया। बुधवार को पूरे दिन हुई रूक-रूककर बारिश और गुरूवार को सुबह से हो रही बारिश से आम लोगों पर इसका असर पड़ा। जिले में बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा बैहर में 33 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। जबकि जिले की औसत वर्षा 9.5 मिलीमीटर रही।
कृषि उप-संचालक राजेश खोब्रागढ़े ने बताया कि इस बारिश से खेत में लगी फसल को कोई नुकसान नहीं है। बल्कि फसल को पानी की जरूरत थी, जो हो रही बारिश से पूरी हो गई। चूंकि अतिवर्षा ना होकर साधारण बारिश हो रही है।
जिससे खेतों में लगी खरीफ फसल के साथ ही यह रबी की फसल के लिए लाभदायक साबित होगी। रबी की फसल की तैयारी करने वाले किसानों को खेतों में नमी मिलेगी। जिससे रबी का रकबा भी बढ़ेगा। इसके साथ ही रबी में लगाई जाने वाली उपेरा फसल जैसे सरसो, उड़द, लखोड़ी और अलसी की फसल को लाभ होगा।

जिले में बारिश के भू-अभिलेख से जारी हुए आंकड़ों को लेकर अधिकारी स्मिता देशमुख ने बताया कि बीते 24 घंटे में जिले में 9.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। जिसमें सबसे ज्यादा वर्षा बैहर तहसील में 33 मिमी वर्षा हुई है। जबकि कटंगी, खैरलांजी में बारिश नहीं हुई।
उन्होंने तहसीलवार आंकड़े की जानकारी देते हुए बताया कि बालाघाट में 8.2, वारासिवनी में 12, लांजी 10.2, किरनापुर में 2.2, लालबर्रा में 6, बिरसा में 9, परसवाड़ा में 18.2 और तिरोड़ी में 6.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
जिले में 01 जून से 25 सितंबर तक 1134.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। जो बीते वर्ष हुई 1200.2 मिलीमीटर वर्षा से कम है। जिले की वर्षा ऋतु की औसत वर्षा 1447.4 मिलीमीटर है।
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