Home मध्यप्रदेश Indore; Tomatoes became costlier due to double price on Tuesday | इंदौर...

Indore; Tomatoes became costlier due to double price on Tuesday | इंदौर में घटती आवक से दोगुना हुए टमाटर के भाव: 1800 रुपए कैरेट पर पहुंचा महाराष्ट्र-बेंगलुरु का टमाटर, सितंबर के बाद लोकल माल आने पर घटेंगे रेट – Indore News

57
0

[ad_1]

इंदौर में तेज बारिश शुरू होते ही टमाटर के भाव 100 रुपए किलो पार हो गए हैं। इंदौर की चोइथराम सब्जी मंडी में मंगलवार को बोली लगने के साथ थोक टमाटर के भाव 70-72 रुपए पहुंच गए। जिसके चलते ग्राहकों को यही टमाटर 100-115 रुपए किलो तक के भाव में मिला।

Google search engine

.

दरअसल आवक कम होने और बुधवार को मोहर्रम की छुट्‌टी के चलते मंगलवार को व्यापारियों ने ज्यादा खरीदी की। इसके चलते टमाटर की मांग अचानक बढ़ी और थोक में दोगुना दाम हो गए। चोइथराम मंडी के व्यापारियों का मानना है कि महाराष्ट्र में अधिक बारिश से फसल खराब होने के कारण टमाटर की सप्लाई प्रभावित हुई है।

फिलहाल इंदौर में महाराष्ट्र के संगमनेर और नारायणगांव के अलावा बेंगलुरु से टमाटर की आवक हो रही है। मालवा निमाड़ या लोकल के टमाटर सितंबर-अक्टूबर के बाद आने के आसार हैं। तब इंदौर से टमाटर एक्सपोर्ट भी होने लगेगा।

राजस्थान, महाराष्ट्र और बेंगलुरु पर निर्भर, 15 दिन में फिर बढ़ सकते हैं दाम

टमाटर व्यापारी सन्नी विहरे ने बताया कि इंदौर में अप्रैल से मई महीने तक राजस्थान के कोटा से टमाटर के टमाटर से पूर्ती की जाती है। कोटा के बाद मई आखिरी से जून-जुलाई तक हिमाचल और पंजाब से टमाटर की आवक रहती है।

जुलाई से अक्टूबर महीने तक टमाटर के लिए इंदौर को महाराष्ट्र और बेंगलुरु के किसानों पर निर्भर होना पड़ता है। वहीं नवंबर माह से मालवा निमाड़ के साथ साथ मध्यप्रदेश के कई इलाकों से टमाटर की आवक शुरु होती है। जिस तरह से देश भर की मंडियों को महाराष्ट्र के टमाटर पर निर्भर होना पड़ रहा है उसके चलते आने वाले 15 दिनों में टमाटर के भाव दोगुने हो सकते हैं।

लोकल टमाटर की आवक से कम होंगे भाव

साईं कृपा टमाटर कम्पनी के योगेश विहरे कहते हैं कि सितंबर-अक्टूबर तक में खंडवा, राजगढ़, खरगोन, झाबुआ, आलीराजपुर से टमाटर की आवक शुरू हो जाएगी। इसके बाद महाराष्ट्र पर निर्भरता खत्म होगी। भाव भी 19 से 20 रुपए किलो हो जाएंगे। इंदौर से गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़ सहित अन्य जगहों के लिए टमाटर का निर्यात होने लगेगा।

हरी सब्जी में सुरजने की फली के बढ़े भाव

मंडी में डिमांड से कम आवक के चलते सरजना फली के दाम बढ़ कर 80-100 रुपए किलो तक हो गए है। वहीं 20-25 रुपए किलो बिकने वाली हरी मिरची 55-60 रुपए किलो हो गई है। हरी धनिया 60 रुपए किलो, बैगन 15-20, ककड़ी 25-30, कद्दू 20, पत्ता गोभी 25-30, फूल गोभी 30-35 रुपए नग। लौकी 20-25, गिलकी 25-30, भिंडी के भाव घटकर 30-40 रुपए किलो हो गए है। ग्वार फली 50-60, बालौर 50-60, पालक 20-30, रामकली कैरी (अचार की) 50-60 रुपए किलो पर ठहरे रहे।

भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा टमाटर उत्पादक देश

भारत दुनिया में टमाटर का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। पहले नंबर पर चीन है। देश में टमाटर की खेती मुख्य रूप से मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में होती है। कुल खेती में इन राज्यों की हिस्सेदारी 46 परसेंट है लेकिन प्रति हेक्टेयर उपज बहुत कम है।

2021-22 में उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 24.4 टन रही जबकि चीन में यह 58.4 टन प्रति हेक्टेयर है। वैश्विक औसत 37 टन प्रति हेक्टेयर होने से हम काफी नीचे हैं। दुनिया में टमाटर का उत्पादन ग्रीन हाउसेज और पॉली हाउसेज में होता है लेकिन भारत में अब तक बड़े पैमाने पर इसे नहीं अपनाया गया है।

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here