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Center for Sustainable and Responsible Tourism started at Jagran Lake City University | इम्पैक्ट फीचर: जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ सेंटर फॉर सस्टेनेबल एंड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म – Bhopal News

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जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी (जेएलयू) भोपाल में जागरण स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म (जेएसएचटी) ने इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म (आईसीआरटी) यूके के सहयोग से रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म पर राउंड टेबल का आयोजन किया। इस मौके पर यूनिवर्सिटी में सेंट

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प्रोफेसर (डॉ.) नफीस हैदर नकवी ने स्वागत भाषण दिया और स्लो कुकिंग पर रिस्पॉन्सिबल फूड प्रैक्टिस, स्थानीय खाद्य सामग्रियों के उपयोग, स्थानीय खाद्य परंपराओं के संरक्षण और प्रचार के बारे में जानकारी दी। जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी भोपाल के वाइस-चांसलर प्रो. डॉ. पीके विश्वास ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

साथ ही बताया कि माननीय चांसलर हरि मोहन गुप्ता के दूरदर्शी नेतृत्व में जेएलयू लगातार खुद को ग्रीन यूनिवर्सिटी कैंपस के रूप में विकसित करने पर फोकस करता है। इसके लिए कार्बन फुटप्रिंट कम करने और शिक्षा प्रदान करने के मामले में ज्यादा जिम्मेदार बनने के लिए आवश्यक उठाए जाते हैं, साथ ही ऐसे पाठ्यक्रम बनाने के प्रयास किए जाते हैं, जिनमें शिक्षार्थी जिम्मेदार होने की अवधारणा को समझने में सक्षम हों।

प्रोफेसर बिस्वास ने बताया कि 2024 बैच से, विश्वविद्यालय ने अपने जागरण स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म के माध्यम से छात्रों और समाज के लाभ के लिए यूनिवर्सिटी ओपन इलेक्टिव पाठ्यक्रम के रूप में “हम और रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म” पर न्यू-एज कोर्स शुरू किया है। यह पाठ्यक्रम केप टाउन घोषणापत्र 2002, जिम्मेदार पर्यटन पर केरल घोषणापत्र, 2008, पर्यटन के लिए वैश्विक आचार संहिता के सार और हितधारकों की भागीदारी के अनुरूप है।

मध्य प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव और मध्य प्रदेश पर्यटन के एमडी, आईएएस शिव शेखर शुक्ला ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और उपस्थित अतिथियों को रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म पर आधारित मध्य प्रदेश पर्यटन के दृष्टिकोण के बारे में बताया।

शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि सरकार ने एक गतिशील और लगातार बढ़ते टूरिज्म स्टेट के रूप में एमपी पर्यटन के कॉन्सेप्ट की कल्पना की है जो रिस्पॉन्सिबल ट्रैवल के लक्ष्यों और इस क्षेत्र के हितधारकों को जागरूक करने और अपने साथ जोड़ने पर फोकस करता है।

उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि किस तरह सरकार रिस्पॉन्सिबल स्टे वाले अकोमोडेशन को बढ़ावा देने और राज्य में ओवरऑल कार्बन फुटप्रिंट्स को कम करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने मध्य प्रदेश में हॉस्पिटैलिटी के समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए एमपीटी की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। साथ ही कहा कि मध्यप्रदेश ऑल रीजंस एंड ऑल सीजंस यानी हर तरह के टूरिज्म के लिए हर समय एक पसंदीदा स्थान के रूप में खुद प्रमोट कर रहा है।

प्रोफेसर हेरोल्ड गुडविन संस्थापक, आईसीआरटी, यूके और एमडी, रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म पार्टनरशिप ने प्रतिनिधियों को रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म के एजेंडा और डेवलपमेंट के बारे में बताया। प्रो. गुडविन ने मध्यप्रदेश के रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म के अनुरूप हो रहे विकास का उल्लेख किया।

वर्ल्ड ट्रैवल मार्ट (डब्ल्यूटीएम) वर्ल्ड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवार्ड्स जहां मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के ग्रामीण पर्यटन प्रोजेक्ट ने लंदन में 2021 समारोह में “बेस्ट प्रोजेक्ट” का अवार्ड जीता; सुरवाही सोशल इकोएस्टेट, कान्हा और मंडला ग्राम पर्यटन विकास समिति, मध्य प्रदेश को सिल्वर अवार्ड मिला; जबकि पेंच ट्री लॉज (पगडंडी सफारी), सिवनी, मध्य प्रदेश ने गोल्ड जीता और इन वर्षों में सबरवानी ग्राम पर्यटन विकास समिति, मध्य प्रदेश द्वारा वन टू वॉच अवार्ड जीता गया।

प्रोफेसर गुडविन ने राज्य और देश के अन्य हिस्सों में सस्टेनेबल और रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न हितधारकों के लाभ के लिए यूनिवर्सिटी कैम्पस में अपनी तरह के पहले सेंटर फॉर सस्टेनेबल एंड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म (सीएसआरटी) की ग्लोबल लॉन्चिंग के बारे में भी दर्शकों को बताया। “रिस्पॉन्सिबिलिटी ड्राइव्स सस्टेनेबिलिटी” को सर्वसम्मति से सीएसआरटी की टैगलाइन के रूप में मंजूरी दी गई।

डीन फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट प्रो. डॉ. भावना अधिकारी ने समापन भाषण दिया और रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म और रिस्पॉन्सिबल लिविंग की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया की जेएलयू यूनिवर्सिटी पहले से ही जिम्मेदार तरीके से शिक्षा प्रदान करने में अपनी भूमिका निभा रही है। विभाग सभी क्षेत्रों में रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

माननीय प्रो-चांसलर अभिषेक मोहन गुप्ता ने सेंटर फॉर सस्टेनेबल एंड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म की स्थापना की सराहना करते हुए शैक्षणिक संस्थानों में सस्टेनेबल और रिस्पॉन्सिबल कदम उठाने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता जताई, जैसा कि जेएलयू के सामाजिक ताने-बाने में समाहित है।

साथ ही बताया कि सीएसआरटी द्वारा शिक्षा, शिक्षण, नवाचार, सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से टूरिज्म में स्किल्ड और रिस्पॉन्सिबल वर्कफोर्स की बढ़ती जागरूकता और विकास पर फोकस करने के साथ, मध्य प्रदेश की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करने के लिए सामाजिक सहयोग बढ़ाया जाएगा।

जहांनुमा रिट्रीट के जनरल मैनेजर विंसेंट मार्कस, आईसीआरटी इंडिया फाउंडेशन मध्य प्रदेश की डायरेक्टर स्वाति परमार, रजिस्ट्रार पंकज कुमार दास, प्रो-वाइस-चांसलर प्रोफेसर डॉ. विवेक खरे, डीन फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट प्रोफेसर डॉ. भावना अधिकारी, डीन फैकल्टी ऑफ लॉ प्रो. डॉ. सचिन रस्तोगी, जागरण स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म के हेड प्रो. डॉ. नफीस हैदर नकवी, हेड जागरण लेक सिटी बिजनेस स्कूल, फैकल्टी मेंबर्स, पूर्व छात्र और वर्तमान छात्र इस अवसर पर उपस्थित थे और उन्होंने कार्यक्रम की सराहना की।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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