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एम्स के मरीजों के लिए गुड न्यूज, डॉक्टरों का साथ देंगे जर्मनी के इंजीनियर, ऐसे होगा इलाज

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एम्‍स नई दिल्‍ली और जर्मनी की ड्रेसडेन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्‍नोलॉजी मिलकरआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्‍स और एक्‍सटेंडेड रियलिटी का इस्‍तेमाल कर मरीजों के इलाज के लिए नए रास्‍ते तलाशेंगे. हाल ही में एम्‍स के 6 …और पढ़ें

गुड न्‍यूज: एम्स में डॉक्टरों का साथ देंगे जर्मनी के इंजीनियर, ऐसे होगा इलाजएम्‍स के डॉक्‍टर और जर्मनी के इंजीनियर मिलकर करेंगे हेल्‍थकेयर में कमाल. (File Photo)
भारत में इलाज के मामले में पहले नंबर पर मौजूद ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अब मरीजों के इलाज में एक मील का पत्थर जोड़ने जा रहा है. एम्स में मरीजों के इलाज में अब अस्पताल के डॉक्टरों का साथ जर्मनी के इंजीनियर देंगे. जर्मनी की टॉप मेडिकली ऑरिएंटेड तकनीक का इस्तेमाल अब एम्स हेल्थकेयर में किया जाएगा.इसके लिए हाल ही में एम्स दिल्ली से डायरेक्टर डॉ.एम श्रीनिवास के अलावा पांच अन्य विभागों के प्रोफेसर जर्मनी पहुंचे थे.जहां जर्मनी की ड्रेसडेन यूनिविर्सटी ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ लेटर ऑफ इंटेट साइन किया गया.

इस बारे में एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने बताया, ‘दोनों संस्थानों के बीच यह सहयोग गेम चेंजर है.हम एम्स के वर्ल्ड क्लास क्लीनिकल अनुभव और टीयू ड्रेसडेन के इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी विशेषज्ञता को मिलाकर भविष्य के लिए तैयार हेल्थकेयर सिस्टम का ग्लोबल प्रोटोटाइप तैयार करने जा रहे हैं.मरीजों के इलाज के लिए मिल रहे इस अवसर का इस्तेमाल सिर्फ दो देशों में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए किया जा सकेगा.’

बता दें कि टीयूडी और एम्स दिल्ली मिलकर हेल्थकेयर में इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से ट्रांसलेशनल रिसर्च, क्लीनिकल इंटीग्रेशन और डिजिटल तकनीक पर काम करेंगे. इससे मरीजों के इलाज में न केवल तकनीक का उपयोग एडवांस लेवल पर होगा बल्कि नए-नए इनोवेशंस से जटिल से जटिल बीमारियों के इलाज की प्रक्रिया में भी सुधार होना संभव होगा. वहीं प्रोफेसर रीमा दादा ने बताया कि एम्‍स और ड्रेसडेन यूनिवर्सिटी मिलकर ये बता रहे हैं कि कैसे एकेडमिया, क्लिनिकल मेडिसिन और टेक्‍नोलॉजी मिलकर काम कर सकते हैं और इसे ग्‍लोबल स्‍केल पर मरीजों के उन्‍नत इलाज में बदल सकते हैं.

15 से 18 जुलाई को जर्मनी में हुई वर्कशॉप में डायग्नोसिस से थेरेपी तक हेल्थकेयर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और एक्सटेंडेड रियिलटी के इस्तेमाल के नए रास्तों को तलाशा गया.इस दौरान एम्स नई दिल्ली से निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास, डॉ. संदीप अग्रवाल एचओडी पीडियाट्रिक सर्जरी, डॉ. नीतीश नायक प्रोफेसर कार्डियोलॉजी, डॉ एमडी रे प्रोफेसर सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, डॉ. अनीता धर प्रोफेसर सर्जिकल डिसिप्लिन, डॉ. कृतिका रंगराजन एसोसिएट प्रोफेसर रेडियो डायग्नोसिस शामिल हुए.

प्रिया गौतमSenior Correspondent

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ और रियल एस…और पढ़ें

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ और रियल एस… और पढ़ें

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गुड न्‍यूज: एम्स में डॉक्टरों का साथ देंगे जर्मनी के इंजीनियर, ऐसे होगा इलाज

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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