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Bihar Chunav: शॉकिंग है आंकड़ा… किशनगंज में 6 दिन में ही आवासीय प्रमाण पत्र के 1,27,000 आवेदन, सम्राट चौधरी बोले-बांग्लादेशी घुसपैठ का है सबूत

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पटना. बिहार में वोटर लिस्ट अपडेशन को लेकर विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision- SIR) का काम जारी है. सोमवार की शाम तक 2.88 करोड़ (36.47%) गणना प्रपत्र एकत्र हो चुके हैं. बिहार के कुल 7.90 करोड़ नामांकित मतदाताओं का 36.47% है. इसके साथ ही 11.26% फॉर्म ECINET पर अपलोड भी हो चुका है. वहीं, इसको लेकर राजनीति भी गर्म है. इस बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री और BJP नेता सम्राट चौधरी ने किशनगंज में आवासीय प्रमाण पत्र के लिए असामान्य रूप से बढ़े आवेदनों को लेकर घुसपैठ का मुद्दा उठाया और RJD नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जनवरी से मई तक किशनगंज में हर महीने 26,000-28,000 आवेदन आते थे, लेकिन छह दिन में ही 1,27,000 आवेदन आ गए जो चौंकाने वाला है. उन्होंने इसे घुसपैठियों की मौजूदगी का संकेत बताया. इसके साथ ही तेजस्वी के ‘पाताल का रास्ता’ वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि जिनके परिवार ने ‘चारा खाया’ और ‘जमीन लिखवाई’ उन्हें अपराध का रास्ता समझ नहीं आएगा.

किशनगंज में आवासीय प्रमाण पत्र पर सवाल- सम्राट चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए पूरी स्वतंत्रता दी है. परिवार के सदस्य बता सकते हैं कि कोई व्यक्ति बाहर गया है, लेकिन किशनगंज में आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आए आवेदनों की संख्या चौंकाने वाली है. उन्होंने बताया कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, जमीन के कागजात या SC/ST प्रमाण पत्र बनाने में समय लगता है, लेकिन आवासीय प्रमाण पत्र तुरंत बन जाता है. सम्राट चौधरी ने दावा किया कि यह स्थिति बिहार में घुसपैठियों की मौजूदगी को बताती है, खासकर सीमांचल क्षेत्र में.

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तेजस्वी यादव पर तीखा हमला

तेजस्वी यादव के ‘पाताल का रास्ता’ वाले सवाल पर चौधरी ने तंज कसते हुए कहा, जिनके पिताजी ने चारा खाया, माता-पिता और पूरा परिवार जमीन लिखवाता रहा, उन्हें अपराध का रास्ता समझ नहीं आएगा. उन्होंने RJD पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी. चौधरी ने तेजस्वी को ‘गुंडागर्दी’ को बढ़ावा देने वाला बताया जो मुख्यमंत्री आवास से संचालित होती थी.

सियासी तनातनी और चुनावी रणनीति

सम्राट चौधरी का यह बयान बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तनाव को बढ़ा रहा है. BJP घुसपैठ जैसे मुद्दों को उठाकर मुस्लिम बहुल वाले सीमांचल के जिलों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है. दूसरी ओर RJD इसे ध्रुवीकरण की रणनीति बता रही है. तेजस्वी ने पहले भी BJP पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया था.बहरहाल, सम्राट चौधरी का किशनगंज में घुसपैठ का दावा और तेजस्वी पर हमला बिहार की सियासत को गरमा रहा है.

आखिर चुनाव आयोग क्या कर रहा है?

बता दें कि बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू किया है जो 2003 के बाद पहला बड़ा संशोधन है. इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट कर अवैध मतदाताओं, खासकर घुसपैठियों को हटाना है. बीते 24 जून 2025 से शुरू इस प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं के जन्म स्थान और तारीख का प्रमाण मांग रहे हैं.

चुनाव आयोग ने फैसले में संशोधन किया

1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाताओं को दस्तावेज देना होगा. इस बीच किशनगंज में छह दिन में 1,27,000 आवासीय प्रमाण पत्र आवेदन आए हैं जिसे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घुसपैठ का संकेत बताया.वहीं विपक्ष इसे धांधली और गरीब मतदाताओं को वोट से वंचित करने की साजिश बता रहा है. इस बीच आयोग ने नियमों में ढील दी है और अब बिना दस्तावेज भी फॉर्म जमा हो सकते हैं, जिन्हें बाद में अपलोड करना होगा. यह प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए है, लेकिन सियासी विवाद बढ़ा रही है.

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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