Home देश/विदेश भारत-चीन संबंध: 2025 में फिर से शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा

भारत-चीन संबंध: 2025 में फिर से शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा

57
0

[ad_1]

Last Updated:

Google search engine

MANSAROVAR YATRA: लिपुलेक तक बनाई जा रही से सड़क 17 हजार फीट की ऊंचाई पर है. यह सडक भारत-चीन और नेपाल के ट्राईजंक्शन के पास से गुजरती है. साल 2020 में उद्घाटन के दौरान रक्षामंत्री ने कहा था की जो यात्रा को पूरा…और पढ़ें

हो गया फैसला, 4 साल से बंद मानसरोवर यात्र फिर होगी शुरू

फिर से शुरू होगी मानसरोवर यात्रा

हाइलाइट्स

  • मानसरोवर यात्रा 2025 की गर्मियों में फिर से शुरू होगी.
  • उत्तराखंड से यात्रा अब 1 हफ्ते में पूरी होगी.
  • लिपुलेख तक नई सड़क से यात्रा में 6 दिन कम लगेंगे.

MANSAROVAR YATRA: भारत-चीन के बीच जमी बर्फ अब तेजी से पिघल रही है. इसकी शुरूआत पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच कजान में वार्ता से हुई. इसके बाद से दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार हो रहा है. सबसे महत्वपूर्ण था LAC पर तनाव कम हो गया. साथ ही साल 2020 के बाद से बंद मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया. यह सब उस वक्त जमीन पर उतर रहा है जब 2025 में भारत और चीन के डिप्लोमेटिक रिश्ते के 75 साल पूरे हो रहे हैं. 26 मार्च को बीजिंग में इसी मसले को लेकर दोनों देशों के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की बैठक हुई. दोनों पक्षों ने इसी साल जनवरी में विदेश सचिव और चीनी उप-विदेश मंत्री की बैठक में तय किए गए दिशा निर्देशों की समीक्षा की. दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देशों के लोगों के बीच ज्यादा संपर्क बढ़ाने की कोशिशों को जारी रखा जाए. इसमें दिल्ली से बीजिंग की सीधी उड़ानों की बहाली, मीडिया और थिंक-टैंक के बीच बातचीत और कूटनीतिक संबंधों की 75वें साल का समारोह पर बात हुई. इसके साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने के लिए बनाई गई कार्य योजना पर भी आगे बढ़ने की बात की गई.

4 साल से बंद है यात्रा
मानसरोवर यात्रा का आयोजन हर साल जून से सितंबर के बीच होता है. भारत कोरोना के चलते साल 2020 में यह यात्रा बंद हो गई. उसके बाद पूर्वी लद्दाख में तनाव ने इस यात्रा को शुरू होने नहीं दिया. इस मसले को भारत ने कूटनीतिक स्तर पर चीन के साथ उठाया. मानसरोवर यात्रा पर संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि 18 नवंबर 2024 में रियो डी जिनेरो में G-20 समिट के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की थी. इस बैठक में कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का मुद्दा उठाया गया था. इसके बाद पिछले साल 18 दिसंबर को स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी. इसके अलावा 27 जनवरी 2025 को भारत के विदेश सचिव ने चीन के उप विदेश मंत्री से मुलाकात की थी. इस बैठक में यह फैसला लिया गया कि 2025 के गर्मियों में कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू किया जाएगा.

उत्तराखंड से 1 हफ्ते में पूरी होगी यात्रा
मानसरोवर यात्रा दो रूट के जरिए आयोजित होती है. पहला है उत्तराखंड के लिपुलेख पास और सिक्किम के नाथुला पास. भारत ने जब भारत ने सामरिक और धार्मिक महत्व की सड़क का निर्माण उत्तराखंड के पिथौरागढ में शुरू किया तो चीन ने नेपाल को उकसाने का काम किया था. यह इलाका एक ट्राई जंक्शन है और यह रूट मानसरोवर भी जाता है. भारतीय यात्रियों की सहूलियत के लिए पिथौरागढ़ से लिपूलेख तक के लिए एक 80 किलोमीटर की लिंक रोड बनाई तो नेपाल के साथ विवाद शुरू हो गया था. सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से लिपूलेख तक की सड़क लगभग बनकर तैयार है. इस सड़क के बनने से कैलाश मानसरोवर की यात्रा महज एक हफ्ते में पूरी हो सकेगी. सिक्किम के नाथू ला और नेपाल से कैलाश मानसरोवर की यात्रा में 2-3 हफ्ते लग जाते हैं. यात्रा के दौरान 80 प्रतिशत सफर चीन (तिब्बत) में करना पड़ता है और बाकी 20 प्रतिशत भारत में था. लेकिन पिथौरागढ़ की सड़क बनने से अब यह सफर उल्टा हो जाएगा. यानि तब यह यात्रा 84 फ़ीसदी भारत में होगी और मात्र 16 प्रतिशत तिब्बत में. अभी तक कुछ तीर्थ-यात्री लिपूलेख के जरिए भी किया करते थे. सड़क कच्ची होने के चलते इसें समय ज्यादा लगता था.

homenation

हो गया फैसला, 4 साल से बंद मानसरोवर यात्र फिर होगी शुरू

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here