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प्रवेश वर्मा, विजेंदर गुप्ता, या… कौन बनेगा दिल्ली का नया सीएम? बीजेपी में किन नामों पर चल रही चर्चा

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Agency:News18Hindi

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Delhi News CM News: बीजेपी ने दिल्ली की सत्ता में 27 साल बाद वापसी की है. इस बीच अगले सीएम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. इस रेस में प्रवेश वर्मा और विजेंदर गुप्ता का नाम चर्चा में है. वहीं कई और नाम भी सामने…और पढ़ें

प्रवेश वर्मा, विजेंदर गुप्ता या.. कौन बनेगा दिल्ली का CM? रेस में जुड़े नए नाम

दिल्ली के सीएम पद की रेस में कई नाम सामने आ रहे हैं.

हाइलाइट्स

  • बीजेपी ने दिल्ली की सत्ता में 27 साल बाद वापसी की है.
  • दिल्ली के अगले सीएम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है.
  • इस रेस में प्रवेश वर्मा और विजेंदर गुप्ता के अलावा कई और नाम भी शामिल हैं.

बीजेपी चुनाव जीतने के बाद किसे मुख्यमंत्री बनाएगी यह अनुमान लगा पाना मुश्किल है. दिल्ली में भागवा दल ने 27 साल बाद सत्ता में वापसी की है और अगले सीएम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. यहां सीएम पद की रेस में कई नाम सामने आ रहे हैं. हालांकि महाराष्ट्र, हरियाणा, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए चुनावों में बीजेपी ने जो मिसाल पेश की है, उसे देखते हुए बस इतना कहा जा सकता है कि वह किसी निर्वाचित विधायक को मुख्यमंत्री बना सकती है.

अगर बीजेपी किसी विधायक को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करती है, तो ये पांच नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं:

  • परवेश साहिब सिंह वर्मा- इन्होंने अरविंद केजरीवाल को हराया और इनके पिता तीन दशक पहले दिल्ली के सीएम थे.
  • विजेंदर गुप्ता – बीजेपी के उम्मीदवारों में सबसे बड़े अंतर से जीतने वाले पूर्व नेता प्रतिपक्ष.
  • शिखा रॉय – इकलौती महिला उम्मीदवार, जिन्होंने आप के बड़े नेता सौरभ भारद्वाज को हराया.
  • सतीश उपाध्याय – पूर्व प्रदेश अध्यक्ष.
  • मंजींदर सिंह सिरसा – दिल्ली में बीजेपी का प्रमुख सिख चेहरा.

अगर गैर-विधायक को सीएम बनाया गया तो कौन होगा दावेदार?
अगर बीजेपी विधायक के अलावा किसी और को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करती है, तो कई सांसदों और प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नाम चर्चा में हैं. सचदेवा ने प्रदेश इकाई में गुटबाजी खत्म करने में अहम भूमिका निभाई है.

दिल्ली में कोई विधान परिषद नहीं है, इसलिए बीजेपी को उपचुनाव कराना होगा और किसी मौजूदा विधायक को इस्तीफा देना होगा ताकि गैर-विधायक को मुख्यमंत्री बनाया जा सके. इस स्थिति में मनोज तिवारी, बंसुरी स्वराज और रामवीर सिंह बिधूड़ी जैसे सांसद भी रेस में हो सकते हैं.

पूर्वांचली वोट और विकास पर फोकस
दिल्ली चुनाव में पूर्वांचली मतदाताओं की अहम भूमिका रही है, और आगामी बिहार चुनाव को देखते हुए बीजेपी इस फैक्टर पर भी विचार कर सकती है. पार्टी के सूत्रों के अनुसार, बीजेपी ऐसे कार्यकर्ता को पुरस्कृत कर सकती है जिसने जमीनी स्तर से संगठन में अपनी जगह बनाई हो.

एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि ‘दिल्ली में बीजेपी सरकार के नतीजे छह महीने के भीतर सड़कों पर दिखने चाहिए.’ इसलिए एक विकास-प्रधान चेहरे को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है. हालांकि, बीजेपी अक्सर चौंकाने वाले फैसले लेती है, इसलिए अंतिम नाम किसी को भी चौंका सकता है.

क्या दिल्ली को मिलेगा उपमुख्यमंत्री?
दिल्ली में जातिगत संतुलन बनाए रखने के लिए बीजेपी उपमुख्यमंत्री पद पर भी विचार कर सकती है. पिछले साल छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान में दो-दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए थे, लेकिन हरियाणा में नहीं.

हालांकि, उपमुख्यमंत्री तय करने का कोई निश्चित फॉर्मूला नहीं है. दिल्ली की विधानसभा महज 70 सीटों की है, लेकिन फिर भी पार्टी यहां संतुलन बनाए रखना चाह सकती है.

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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