छतरपुर: ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार के संगम ‘जिला स्तरीय ओलम्पियाड’ का भव्य सम्मान समारोह आज शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 के सभागार में संपन्न हुआ। कलेक्टर पार्थ जायसवाल के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस समारोह ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि हौसलों में उड़ान हो, तो सरकारी स्कूलों की प्रतिभाएं भी सफलता के नए प्रतिमान गढ़ सकती हैं।
सम्मान से खिले नन्हे चेहरे
समारोह के मुख्य अतिथि जिला पंचायत CEO नम:शिवाय अरजरिया ने जिला स्तर पर अपनी मेधा का लोहा मनवाने वाले 32 विद्यार्थियों को सम्मानित किया। प्रत्येक कक्षा और विषय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले इन ‘नन्हे योद्धाओं’ को ट्रेक सूट, बैग, स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। केवल छात्र ही नहीं, बल्कि उनके भविष्य को तराशने वाले मार्गदर्शी शिक्षकों को भी उनकी कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मानित किया गया।
मंज़िल अभी दूर है, उड़ान अभी बाकी है…
अपने ओजस्वी संबोधन में CEO नम:शिवाय अरजरिया ने विद्यार्थियों में जोश भरते हुए कहा— “आज की यह जीत एक सुखद पड़ाव है, लेकिन याद रहे कि असली मंज़िल अभी दूर है। यह सफलता आपके भीतर के आत्मविश्वास को जगाने के लिए है। मेरी कामना है कि आप इसी ऊर्जा के साथ राष्ट्र के फलक पर छतरपुर का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित करें।”
इस गरिमामयी अवसर पर सहायक संचालक शिक्षा आरपी प्रजापति, प्राचार्य संतोष शर्मा और नोडल अधिकारी नीरज खरे सहित शिक्षा विभाग के कर्मठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन जयनारायण खरे ने किया, जिन्होंने अपने शब्दों से समारोह में प्राण फूंक दिए।









