बमनौरा कलां (घुवारा)। बुंदेलखंड की पावन धरा पर इन दिनों भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। ग्राम बमनौरा कलां में आयोजित सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन जब श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आया, तो समूचा पंडाल ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। वृंदावन धाम से पधारीं पूज्य प्रियंका किशोरी जी की ओजस्वी और मधुर वाणी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
जब कन्हैया के स्वागत में थिरक उठा बमनौरा
कथा के मुख्य यजमान राजाराम लोधी एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित इस दिव्य महोत्सव में जैसे ही भगवान का जन्म हुआ, पूरा वातावरण दिव्य हो गया। महिलाओं ने बुंदेली ‘बधाई गीतों’ पर झूमकर नृत्य किया और परंपरा के अनुसार गुड़-बिस्वार के लड्डू बांटे गए। कृष्ण जन्म की खुशी ऐसी थी कि श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा और प्रेम से नम हो गईं।
बाधाएं स्वयं रास्ता दे देती हैं
वृंदावन की विदुषी प्रियंका किशोरी जी ने मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि, “जब हृदय में परमात्मा का प्राकट्य होता है, तो जेल के ताले (मोह-माया के बंधन) अपने आप टूट जाते हैं।” उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे वासुदेव जी ने उफनती यमुना के बीच नन्हें कान्हा को गोकुल पहुँचाया। किशोरी जी ने समझाया कि जब संकल्प नेक हो और साथ में ‘कृष्ण’ हों, तो काल रूपी कंस भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
भक्तिमय शोभायात्रा और युवाओं का उत्साह
कथा के शुभारंभ से ही बमनौरा का रंग भगवामय नजर आ रहा है। विशाल कलश यात्रा में सैकड़ों महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर चल रही थीं, तो वहीं युवाओं की टोली डीजे की धुन और ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ धर्म ध्वजा थामे थिरकती नजर आई।









