छतरपुर (नौगांव)। कहते हैं इश्क और जंग में सब जायज है, लेकिन नौगांव में तो ‘इश्क’ ने ही ‘जंग’ छेड़ दी है। 9 फरवरी को घर से ‘एटीएम’ से कैश निकालने निकलीं दो मुस्लिम चचेरी बहनों ने ऐसा ‘ट्रांजेक्शन’ किया कि सीधे हिंदू परिवारों की बहू बन गईं। अब सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर दोनों ने एसपी साहब से गुहार लगाई है— “साहब! हमने दिल जोड़ लिया है, अब हमारे घर वालों को तोड़-फोड़ करने से रोकिए।”
मजहब की दीवार ढही, चचेरे भाइयों पर आया दिल
मामला किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दो चचेरी बहनें, जिन्हें घर वाले नाबालिग बता रहे थे, उन्होंने बालिग होने का सबूत देते हुए शहर के ही दो चचेरे भाइयों के साथ सात फेरे ले लिए। चर्चा है कि दोनों बहनों ने न केवल सिंदूर सजाया, बल्कि ‘सनातन धर्म’ अपनाकर अपनी नई दुनिया बसा ली है। वीडियो में मुस्कराते हुए उन्होंने साफ़ कह दिया— “हम सुरक्षित हैं, खुश हैं और अपनी मर्जी से घर छोड़कर आए हैं।”
‘मायके’ में मातम, थाने में हंगामा
इधर, जब लड़कियां एटीएम से वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों ने अपहरण का शोर मचा दिया। समाज के लोग थाने पहुँच गए, पुलिस पर पक्षपात के आरोप लगे और जमकर हंगामा हुआ। घरवालों का दावा था कि उनकी बेटियों को बरगलाया गया है, लेकिन जब लड़कियों का वीडियो सामने आया, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। लड़कियों ने उलटा अपने ही घरवालों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा दिया है।
एसपी साहब से ‘सुरक्षा कवच’ की मांग
वीडियो में नवविवाहित जोड़ों ने छतरपुर एसपी से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने साफ़ कहा कि यदि उनके ससुराल पक्ष को खरोंच भी आई, तो इसके जिम्मेदार उनके मायके वाले होंगे। लड़कियों की दलील है कि वे अपनी पसंद के जीवनसाथी के साथ जिंदगी बिताना चाहती हैं और अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।
पुलिस की उलझन, बालिग या नाबालिग?
नौगांव टीआई बाल्मिक चौबे का कहना है कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस अब इन ‘प्रेमियों’ को तलाश रही है ताकि उनके बयान दर्ज किए जा सकें। अगर युवतियां बालिग निकलीं, तो फिर ‘प्यार’ की जीत पक्की है और अगर उम्र का पेंच फंसा, तो मामला कानूनी पचड़ों में उलझ सकता है।










