छतरपुर | सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में गुरुवार का सूर्योदय एक नए आध्यात्मिक इतिहास का साक्षी बना। सवा लाख हनुमान चालीसा के संकल्प को पार करते हुए यहाँ दो लाख से अधिक पाठ का पुण्य अर्जित किया गया। समूचा कथा पंडाल ‘पीतांबरी’ (पीले) रंग में रंगा नजर आया, जो न केवल एकरूपता बल्कि सनातन की एकजुटता का जीवंत संदेश दे रहा था।
मीडिया और जनसमूह को संबोधित करते हुए पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक क्रांतिकारी घोषणा की। उन्होंने बताया कि देशभर में गठित हो रहे ‘बागेश्वर धाम सुंदरकांड मंडल’ अब ‘वानर दूत’ की भूमिका निभाएंगे। महाराज श्री ने कहा— “सनातन के किसी भी सिपाही या मंडल को कोई संकट आएगा, तो ये वानर दूत सूचना मिलते ही वहां खड़े मिलेंगे। हिंदुत्व, हिंदुस्तान और सनातन के लिए ये मंडल रक्षा कवच का काम करेंगे।”
भक्ति का महाकुंभ 7 राज्यों के 175 जिलों तक पहुंचा प्रभाव
कार्यक्रम की शुरुआत हाथरस (U.P.) के मारुति नंदन मानस संगठन द्वारा संगीतमय सुंदरकांड से हुई। इसके बाद मऊ की श्री हनुमत कृपा सेवा समिति के सान्निध्य में 20 हजार से अधिक भक्तों ने एक साथ 21 बार हनुमान चालीसा पढ़कर ‘सवा लाख’ के लक्ष्य को ‘दो लाख’ के पार पहुंचा दिया। महाराज श्री ने बताया कि 7 राज्यों के 175 जिलों में मंडल गठित हो चुके हैं, जिसमें 116 महिला सुंदरकांड मंडल रणचंडी बनकर सनातन की रक्षा के लिए तैयार हैं।
11 हजार किलोमीटर का शंखनाद
महाराज श्री ने आगामी योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि वे वर्ष 2026 में 11 हजार किलोमीटर की रथयात्रा निकालेंगे और 11 जिलों के गांव-गांव जाकर लोगों से सीधा संपर्क करेंगे। उन्होंने खुर्जा (U.P.) के उस मंडल की विशेष सराहना की, जो सालभर सुंदरकांड कर जुटने वाली राशि बेटियों के विवाह के लिए दान करता है।
CM मोहन यादव और प्रदीप मिश्रा का आगमन
शुक्रवार को बागेश्वर धाम की 302 बेटियों के विवाह में आशीर्वाद देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 3 बजे पहुंचेंगे। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास रमेश भाई ओझा जी और सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा भी महोत्सव में अपनी हाजिरी लगाएंगे। धाम के सेवादार नितेंद्र चौबे ने बताया कि राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों के भी आने की प्रबल संभावना है।










