Home खास खबर घुवारा स्कूल में लाखों का लेखा-जोखा गायब: शिक्षा विभाग की नींद उड़ाई;...

घुवारा स्कूल में लाखों का लेखा-जोखा गायब: शिक्षा विभाग की नींद उड़ाई; खेल मैदान बना पार्किंग, बच्चों की सुरक्षा से खुला खिलवाड़ शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

24
0

घुवारा || शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुवारा एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। विद्यालय में शासन एवं शिक्षा विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त राशि तथा स्थानीय मदों की रकम में लाखों रुपये की भारी गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। मामला उजागर होते ही शिक्षा विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक में हलचल मच गई है। सूत्रों के अनुसार विद्यालय में शाला विकास कर,परीक्षा शुल्क, क्रीड़ा शुल्क, एक्टिविटी फंड,विज्ञान प्रयोगशाला, स्काउट, रेडक्रॉस सहित अन्य मदों में विद्यार्थियों से वसूली गई राशि का न तो समुचित उपयोग किया गया और न ही उसका पारदर्शी लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जा रहा है। आरोप है कि इन मदों की राशि का दुरुपयोग कर शिक्षा के नाम पर खुलेआम आर्थिक अनियमितताएं की गईं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब इस संबंध में जानकारी मांगी गई तो विद्यालय प्रशासन की ओर से जवाब देने से बचने की कोशिश की गई। प्राचार्य अलका शुक्ला पर आरोप है कि वे मामले को टालने और सवालों से बचने का प्रयास कर रही हैं, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि यदि सब कुछ नियमों के अनुसार है तो फिर जानकारी देने में हिचक क्यों रही। वही विद्यालय परिसर की स्थिति भी बदहाल होती जा रही है। जहां छात्रों के लिए खेलकूद और शारीरिक विकास की व्यवस्था होनी चाहिए, वहां लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है। खेल मैदान में वाहनों का जमावड़ा आम बात हो गई है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति शिक्षा विभाग की दिशा-निर्देशों की खुली अवहेलना को दर्शाती है।वही स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह घोटाला और भी बड़े स्तर पर सामने आ सकता है। शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में भ्रष्टाचार के आरोप न केवल व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं,बल्कि सरकार की मंशा और निगरानी प्रणाली को भी कटघरे में खड़ा करते हैं।अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है। क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

इनका कहना- आपने अवगत कराया अभी जिला शिक्षा अधिकारी से जांच के लिए बोलता हूं। अगर शासन की राशि का घोटाला हुआ है तो निश्चित रूप से कार्यवाही की जाएगी।

Google search engine

पार्थ जैसवाल कलेक्टर छतरपुर।

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here