छतरपुर जिला चिकित्सालय के इतिहास में 14 फरवरी 2026 का दिन ‘गुणवत्ता और विश्वास’ के नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। नेशनल (NQAS) एवं कायाकल्प असेसमेंट के समापन अवसर पर कलेक्टर पार्थ जैसवाल की उपस्थिति ने न केवल स्वास्थ्य कर्मियों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि जिले की बेहतर होती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर मुहर भी लगा दी।
3 माह में ‘शून्य मातृ मृत्यु दर’ एक बड़ी उपलब्धि
समारोह के दौरान कलेक्टर श्री जैसवाल ने जब यह साझा किया कि विगत तीन माह में जिला अस्पताल में मातृ मृत्यु दर शून्य रही है, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। अत्यधिक Patient Load होने के बावजूद इस उपलब्धि को हासिल करना प्रबंधन की सजगता और डॉक्टरों के समर्पण का परिणाम है। कलेक्टर ने विशेष रूप से एसएनसीयू, पीआईसीयू और पैथोलॉजी सेवाओं की गुणवत्ता की मुक्त कंठ से सराहना की।
कलेक्टर का मंत्र ‘कमियों को सुधारें और सुधार को सस्टेन रखें’
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने अपने संबोधन में प्रशासनिक परिपक्वता का परिचय देते हुए कहा कि असेसमेंट का उद्देश्य केवल कमियाँ निकालना नहीं, बल्कि सेवाओं को वैश्विक मानकों पर लाना है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो भी कमियाँ टीम द्वारा बताई गई हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए और जो मानक बेहतर पाए गए हैं, उन्हें निरंतर रखा जाए। उन्होंने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में भी छतरपुर का स्वास्थ्य अमला ‘बेहतर सेवाएं’ प्रदान कर रहा है।
20 विभागों का सूक्ष्म परीक्षण
उल्लेखनीय है कि 12 से 14 फरवरी तक नेशनल असेसर डॉ. अमिता गर्ग, डॉ. इन्द्रा राठौर, डॉ. शशि महावर एवं स्टेट टीम ने अस्पताल के ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम, आईसीयू, ब्लड बैंक और रिकॉर्ड संधारण सहित कुल 20 विभागों का सघन निरीक्षण किया।
सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया ने अस्पताल की पूरी टीम की ओर से कलेक्टर श्री जैसवाल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में आया यह सकारात्मक बदलाव कलेक्टर महोदय के निरंतर मार्गदर्शन और प्रशासनिक सहयोग के बिना संभव नहीं था।
इस अवसर पर एसडीएम अखिल राठौर, सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता सहित चिकित्सालय की क्वालिटी टीम और समस्त विशेषज्ञ मौजूद रहे।










