छतरपुर: केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों को न्याय दिलाने की लड़ाई अब प्रशासन बनाम कांग्रेस में तब्दील हो गई है। ढोडन बांध क्षेत्र में आदिवासी किसानों की मांगों का समर्थन करने पहुँचे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं पर पुलिस और वन विभाग ने FIR दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
यह पूरा घटनाक्रम तब और गर्मा गया जब विस्थापितों के हक की लड़ाई लड़ रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आते ही पुलिस ने दोबारा हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतिबंधित क्षेत्र में उग्र प्रदर्शन किया। वन विभाग के अधिकारी देवेंद्र अहिरवार के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा (बेरिकेडिंग) तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। इसके चलते वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 27 सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन अब वीडियो ग्राफी के जरिए अन्य चेहरों की शिनाख्त कर रहा है।
दूसरी ओर, जीतू पटवारी ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा प्रशासन के दम पर आदिवासियों की आवाज कुचलना चाहती है। उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस विस्थापितों के साथ मजबूती से खड़ी है और जल्द ही राहुल गांधी भी किसानों से मिलने छतरपुर आ सकते हैं। फिलहाल, अमित भटनागर की दोबारा गिरफ्तारी और कांग्रेस नेताओं पर हुई इस एफआईआर ने जिले के राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।









