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बागेश्वर महाराज ने लगाई ‘मोहन’ को हल्दी, मुख्यमंत्री ने पूजा बेटियों का मंडप; बागेश्वर धाम में ‘राज’ और ‘अध्यात्म’ का ऐसा मिलन पहले कभी नहीं देखा!

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अनाथ बेटियों के ‘पीहर’ में मुख्यमंत्री: मंडप पूजन के समय भर आईं आँखें;  बागेश्वर महाराज ने ‘हल’ भेंट कर किया किसानपुत्र का सम्मान!

छतरपुर | बुंदेलखंड की पावन धरा बागेश्वर धाम में आज भक्ति, सेवा और समरसता की एक ऐसी त्रिवेणी बही, जिसका साक्षी समूचा विश्व बना। 302 निर्धन और अनाथ बेटियों के पाणिग्रहण संस्कार के मंगल उत्सव में शामिल होने प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जब गढ़ा की माटी पर उतरे, तो नजारा अलौकिक था। यहाँ ‘राज सत्ता’ ने ‘धर्म सत्ता’ के चरणों में शीश नवाया और सामूहिक संकल्प लिया कि अब कोई भी बेटी धन के अभाव में कुंवारी नहीं रहेगी।

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जब मुख्यमंत्री बने ‘यजमान’ और महाराज श्री ने भेंट किया ‘हल’
हल्दी की रस्म के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बेटियों के सुखमय जीवन के लिए मंडप पूजन किया। भावुक कर देने वाला दृश्य तब उत्पन्न हुआ जब बागेश्वर पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मुख्यमंत्री को हल्दी लगाकर इस उत्सव की शुरुआत की और मुख्यमंत्री ने भी सहर्ष महाराज श्री को हल्दी का तिलक लगाया। सम्मान के रूप में महाराज श्री ने मुख्यमंत्री को ‘हल’ भेंट किया, जो बुंदेलखंड की कृषि संस्कृति और श्रम का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, अब सामूहिक विवाह पर मिलेंगे 51-51 हजार
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश सरकार सनातन संस्कृति और सामूहिक विवाहों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया और देवउठनी एकादशी जैसे अबूझ मुहूर्तों पर होने वाले सामूहिक विवाहों में प्रत्येक कन्या को 51-51 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
उन्होंने आगामी महाशिवरात्रि पर 3 हजार कन्याओं के विवाह का लक्ष्य रखा और नव-दंपत्तियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। डॉ. यादव ने सक्षम परिवारों से भी सामूहिक विवाह अपनाने और मृत्यु भोज जैसे दिखावों से बचने की अपील की।
पत्तलों पर सिमट गई जात-पांत की दूरियां
मंचीय कार्यक्रम के उपरांत एक क्रांतिकारी दृश्य देखने को मिला। ‘छुआछूत’ और ‘ऊंच-नीच’ के जहर को समाज से मिटाने के लिए बागेश्वर महाराज ने सभी समाजों के बंधुओं और देशभर से आए संतों के साथ जमीन पर बैठकर ‘समरसता भोज’ किया। महाराज श्री ने संदेश दिया कि हम सब केवल सनातनी हैं और हमारी एकता ही धर्म की असली रक्षा है।
“राष्ट्र और धर्म को साथ लेकर चल रहे हैं मुख्यमंत्री” — बागेश्वर महाराज
पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. मोहन यादव ऐसे राजनेता हैं जो विकास के साथ-साथ संत, महंत और गौ-सेवा के प्रकल्पों को संबल दे रहे हैं। कार्यक्रम में वीडी शर्मा, लखन पटेल, दिलीप अहिरवार सहित कई दिग्गज जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी इस पुण्य कार्य के साक्षी बने।

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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