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प्राइवेट स्कूलों की ‘गुंडागर्दी’ पर शिवसेना का सर्जिकल स्ट्राइक: किताबों और ड्रेस के नाम पर ‘लूट’ बंद करो, वरना स्कूलों में जड़े जाएंगे ताले!

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छतरपुर | शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले निजी स्कूल अब ‘व्यापारिक अड्डे’ बन चुके हैं। छतरपुर में प्राइवेट स्कूलों की तानाशाही और अभिभावकों की जेब पर डकैती के खिलाफ शिवसेना ने अब युद्ध का ऐलान कर दिया है। शिवसेना जिला प्रमुख मुन्ना तिवारी के निर्देश पर युवा सेना जिलाध्यक्ष नीतेश तिवारी के नेतृत्व में एक आक्रामक प्रतिनिधिमंडल ने शहर के नामचीन स्कूलों में धावा बोला और प्रबंधन को अंतिम चेतावनी देते हुए ‘अनुरोध पत्र’ नहीं, बल्कि ‘अल्टीमेटम’ थमा दिया है।

शिक्षा नहीं, ‘कमीशन’ का खेल खेल रहे स्कूल!
युवा सेना अध्यक्ष नीतेश तिवारी ने सीधा प्रहार करते हुए कहा कि स्कूलों की निरंकुशता इस कदर बढ़ गई है कि हर साल जानबूझकर किताबें बदल दी जाती हैं। यह सब केवल इसलिए होता है ताकि कमीशन का मोटा खेल चलता रहे और अभिभावकों को मजबूरन महंगी दुकानें से नई किताबें खरीदनी पड़ें। शिवसेना ने केयर इंग्लिश स्कूल, शीलिंग पब्लिक स्कूल, सन्मति विद्या मंदिर, मरिया माता कान्वेंट और क्रिश्चियन इंग्लिश कॉलेज सहित कई संस्थानों की घेराबंदी की है।

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शिवसेना की ‘डेडलाइन’: सार्वजनिक करो किताबों की लिस्ट, शिवसेना ने दो-टूक शब्दों में मांग रखी है कि नए सत्र से एक माह पूर्व, नर्सरी से 12वीं तक की किताबों की मूल्य सूची और प्रकाशक का नाम सार्वजनिक किया जाए, किताबें शहर की हर दुकान पर उपलब्ध हों, किसी ‘खास दुकान’ की सेटिंग बर्दाश्त नहीं होगी / टाई, बेल्ट, बैच और स्टेशनरी के नाम पर किसी विशेष दुकान के लिए बाध्य करना बंद करें। हर साल की जा रही बेतहाशा फीस वृद्धि पर तत्काल लगाम लगे।

विनती नहीं, अब ‘शिवसेना स्टाइल’ में होगा इंसाफ
शिवसेना ने स्पष्ट कर दिया है कि यह महज एक अनुरोध पत्र नहीं है। यदि स्कूल प्रबंधन ने अपनी कार्यप्रणाली नहीं बदली और अभिभावकों का शोषण जारी रखा, तो शिवसेना सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। नीतेश तिवारी ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने इन ‘शिक्षा माफियाओं’ पर लगाम नहीं कसी, तो शिवसेना अपने अंदाज में स्कूलों की तालाबंदी कर प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित करवाएगी।

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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