छतरपुर: शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में उस समय ‘सन्नाटा’ खिंच गया जब सफाई के प्रति सख्त जिला रजिस्ट्रार अरविंद सिंह गुर्जर ने अचानक अपना रौद्र रूप दिखाया। लोग यहां न्याय की उम्मीद में आए थे, लेकिन जो परिसर की दीवारों को “लाल” कर रहे थे, उन्हें ऑन-द-स्पॉट सजा मिल गई।
न्यायालय की मर्यादा को ताक पर रखकर गुटखा थूकने वाले तीन शौकीनों पर कानून का डंडा ऐसा चला कि पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।
रंगे हाथों पकड़े गए ‘गंदगी के सौदागर’
जिला रजिस्ट्रार ने औचक निरीक्षण करते हुए तीन लोगों को सार्वजनिक संपत्ति को गंदा करते हुए रंगे हाथों दबोचा। साक्ष्य मिलते ही बिना किसी देरी के तीनों पर 500-500 रुपए का नकद जुर्माना ठोक दिया गया।
जुर्माना भरने वालों की सूची:
जितेन्द्र कुशवाहा (निवासी गोरईया)
बिलाल खान (निवासी बसारी दरवाजा)
शानू शाह (निवासी बसारी दरवाजा)
न्याय का मंदिर है, पिकनिक स्पॉट नहीं!’
निरीक्षण के दौरान अधिवक्ता जितेन्द्र मांगली और प्रशांत राजा भदौरिया सहित अन्य वरिष्ठ वकील भी साथ रहे। कोर्ट प्रशासन ने इस कार्यवाही के जरिए एक कड़ा संदेश दिया है, ”न्यायालय परिसर कानून और न्याय का पवित्र मंदिर है। यहाँ अनुशासनहीनता और गंदगी फैलाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। आज तो सिर्फ जुर्माना लगा है, अगली बार जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।”
दहशत में गुटखा प्रेमी
रजिस्ट्रार की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद परिसर में गुटखा दबाए घूम रहे अन्य लोगों के पसीने छूट गए। कई तो आनन-फानन में कुल्ला करते नजर आए। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान थमने वाला नहीं है—अब हर कोने पर पैनी नजर है।









