छतरपुर | पुलिस की नौकरी केवल एक पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक कठिन तप है। इस तपस्या को पूर्ण कर शनिवार को छतरपुर पुलिस के दो जांबाज अधिकारी अपनी दीर्घकालिक सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त हुए। पुलिस लाइन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने इन अधिकारियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।

चार दशकों की सेवा और अनुशासन की मिसाल
सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों में सहायक उप निरीक्षक रूपराम पटेरिया (36 वर्ष से अधिक सेवा) और प्रधान आरक्षक राजेंद्र कुमार रिछारिया (41 वर्ष से अधिक सेवा) शामिल हैं। एएसआई पटेरिया ने टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर के विभिन्न थानों सहित वर्तमान में चौकी घुवारा (थाना भगवा) में अपनी सेवाएं दीं। वहीं, प्रधान आरक्षक रिछारिया ने अपने 41 वर्षों के कार्यकाल में छतरपुर के विभिन्न थानों और पुलिस लाइन में कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की।
एसपी अगम जैन का ‘अभिभावक’ जैसा स्नेह
एसपी अगम जैन अपनी संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में न केवल इन अधिकारियों के कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की, बल्कि एक अभिभावक की तरह उनके बच्चों के भविष्य और व्यवसाय की जानकारी लेकर उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। एसपी ने उन्हें शाल, श्रीफल, पुलिस स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। उनकी यह पहल दर्शाती है कि पुलिस विभाग अपने कर्मचारियों को केवल ‘फोर्स’ नहीं, बल्कि एक ‘परिवार’ मानता है।
जब साझा हुए चार दशकों के अनुभव
विदाई की इस बेला में जब सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपने सेवाकाल के चुनौतीपूर्ण और यादगार अनुभव साझा किए, तो हॉल में मौजूद जूनियर पुलिस कर्मचारियों की आंखें नम हो गईं। उनके अनुभव और संघर्ष की कहानियों ने नए पुलिसकर्मियों को ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने की नई प्रेरणा दी।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले, रक्षित निरीक्षक पूर्णिमा मिश्रा, संबंधित पुलिस अभिलेख अधिकारी और सेवानिवृत्त अधिकारियों के परिजन उपस्थित रहे।










