[ad_1]
जोबट कॉलेज तिराहे पर जनजाति विकास मंच ने टंट्या भील (मामा) की जयंती पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मंच के कार्यकर्ताओं ने टंट्या मामा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
.
जनजाति विकास मंच के जिला अध्यक्ष राजेश डुडवे ने बताया कि टंट्या मामा का जन्म गांव बडदा में हुआ था। उन्हें जनजाति समाज का रॉबिनहुड कहा जाता है। अंग्रेजी शासन के दौरान वे जमाखोरों से छीना गया माल गरीबों और आदिवासियों में बांटा करते थे।

जनजाति विकास मंच ने टंट्या मामा को श्रद्धांजलि।
डुडवे ने स्पष्ट किया कि कुछ संगठन टंट्या मामा का जन्म 26 जनवरी को बताकर भ्रांति फैला रहे हैं। वास्तव में उनका जन्म गणगौर पर्व के समय हुआ था। आज भी उनके जन्मस्थल पर बड़े स्तर पर जयंती मनाने की परंपरा जारी है।
आदिवासी लेखिका बोलीं- समाज में फैल रही भ्रांतियां चिंताजनक
आदिवासी लेखिका दीपेश्वरी गुथरे ने कहा कि समाज में फैल रही भ्रांतियां चिंताजनक हैं। उन्होंने इन भ्रांतियों से निपटने का संकल्प लेने की बात कही। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने टंट्या मामा के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
[ad_2]
Source link









