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The student filed a petition in the High Court | छात्रा को संस्कृत में मिले कम नंबर, हाईकोर्ट पहुंची: बोली- माध्यमिक शिक्षा मंडल के कई चक्कर लगाए, कोर्ट ने चार सप्ताह में जवाब मांगा – Jabalpur News

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मध्यप्रदेश के सतना जिले की रहने वाली 15 साल की स्टूडेंट दिशा पांडे ने अपनी 10वीं की मार्कशीट में कम नंबर होने को लेकर हाईकोर्ट में 3 सितंबर को याचिका दायर की थी। मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड भोपाल को नोटिस जारी किया

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दरअसल, सतना जिले के कोठी तहसील के ग्राम कंचनपुर में रहने वाली 15 वर्षीय दिशा पांडे ने 2023-2024 में शासकीय बालिका स्कूल भैसवारा से दसवीं कक्षा की परीक्षा दी। अप्रैल माह में दिशा का रिजल्ट आया तो दिशा को 500 में से 457 नंबर मिले। दिशा ने देखा कि हिंदी, इंग्लिश, गणित , सांइंस और सोशल सांइंस में तो नंबर ठीक मिले हैं पर संस्कृत में कम अंक थे।

3 सितंबर को दायर की गई याचिका पर जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने सुनवाई की

3 सितंबर को दायर की गई याचिका पर जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने सुनवाई की

रीटोटलिंग हुई तो 76 से बढ़कर 78 हुए संस्कृत में नंबर दिशा ने तुरंत स्कूल के संस्कृत टीचर संजय मिश्रा से मुलाकात की और बताया कि उसे करीब 20 नंबर कम मिले। दिशा ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को आवेदन देकर फिर से संस्कृत की कॉपी चेक करने की मांग की। दिशा के आवेदन पर रीटोटलिंग हुई जिसमें उसके दो नंबर बढ़ गए और नंबर 76 से बढ़कर 78 हो गए। दिशा ने इसके बाद भी कहा कि अभी भी ये नंबर कम हैं। पिता दिलीप पांडे ने भी बेटी से कहा कि नंबर अच्छे हैं, पर दिशा जिद पर अड़ी थी कि उसने सभी प्रश्नों के उत्तर सही दिए हैं, इसलिए उसके नंबर कहीं से भी कम नहीं हो सकते।

छात्रा दिशा पांडे की मार्कशीट

छात्रा दिशा पांडे की मार्कशीट

माध्यमिक शिक्षा मंडल के काटे चक्कर इसके बाद दिशा ने जुलाई में माध्यमिक शिक्षा मंडल को आवेदन दिया और बताया कि संस्कृत विषय में उसे करीब 20 अंक कम मिले है। जब माध्यमिक शिक्षा मंडल से जवाब नहीं मिला तो दिशा अपने पिता के साथ भोपाल आ पहुंची और मंडल के अधिकारियों को आवेदन दिया। माशिमं की ओर से दिशा को आश्वासन दिया गया कि 15 दिन में जवाब आ जाएगा। 15 दिन इंतजार करने के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने नियमों का हवाला देते हुए पुनर्मूल्यांकन का प्रावधान नहीं होना बताया।

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने छात्रा के आवेदन पर जवाब देते हुए नियमों का हवाला दिया था।

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने छात्रा के आवेदन पर जवाब देते हुए नियमों का हवाला दिया था।

कोर्ट ने 4 सप्ताह में माशिम से मांगा जवाब इसके बाद दिशा ने पिता से कोर्ट जाने की बात कही। बेटी की जिद को देखते हुए पिता ने हामी भर दी और 3 सितंबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में संस्कृत विषय में मिले कम नंबर को लेकर याचिका दायर की। जिस पर कोर्ट ने 10 सितंबर को सुनवाई की। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की प्रिंसिपल बेंच में जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने याचिका में सुनवाई करते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब-तलब किया है। याचिकाकर्ता छात्रा की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने पैरवी की।

छात्रा के वकील विशाल बघेल ने बताया कि माशिमं को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा है

छात्रा के वकील विशाल बघेल ने बताया कि माशिमं को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा है

पिता की पान की दुकान 15 वर्षीय छात्रा दिशा पांडे तीन बहनों में सबसे छोटी हैं। सबसे बड़ी बहन पीएससी की तैयारी कर रही है, दूसरे नंबर की बहन 12वीं में है। दिशा के पिता दिलीप पांडे की कोठी तहसील के पास एक छोटी सी पान की दुकान है। इसी से वो अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। दिलीप ने बताया कि बेटी की जिद के कारण हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दिलीप का कहना है कि मेरी बेटी की याचिका उन बच्चों के लिए भी नाजिर बनेगी जो कि एक-एक अंक की कीमत समझते हैं। अभी दिशा के 91 प्रतिशत है, अगर संस्कृत विषय में 20 नंबर बढ़ते हैं, तो उसके 95 प्रतिशत हो जाएंगे।

मायूस हूं पर कोर्ट पर विश्वास है दिशा का कहना है कि जैसे ही मैने अपना रिजल्ट देखा तो मुझे भरोसा ही नहीं हुआ कि संस्कृत में इतने कम नंबर कैसे आए हैं। दिशा ने बताया कि मुझे पता था कि मेरे 98 प्रतिशत आएंगे, ये हो सकता था कि 1 या 2 प्रतिशत इधर-उधर हो सकते हैं, पर जब रिजल्ट आया तो वो काफी चौंकाने वाला था। छात्रा ने बताया कि जब कहीं से कुछ नहीं हुआ तब थक हारकर हाईकोर्ट पहुंची, मुझे भरोसा है कि मेरे नंबर जो अभी कम है वो जरूर बढ़ेंगे।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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