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The life story of Goddess Ahilya won the hearts of the audience | देवी अहिल्या की जीवन गाथा ने जीता दर्शकों का दिल: उज्जैन में नागपुर के 35 कलाकारों ने किया नाट्य का भव्य मंचन, दर्शक हुए भाव विभोर – Ujjain News

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कालिदास अकादमी के मुक्ताकाशी मंच पर नाट्य मंचन करते कलाकार।

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उज्जैन में देवी अहिल्याबाई होल्कर की जीवन गाथा का नाट्य मंचन किया गया। यह पहली बार था जब शहर में इस महान शासिका की पुण्य गाथा को नाटक के रूप में प्रस्तुत किया गया।

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विश्व मांगल्य सभा द्वारा देवी अहिल्याबाई के नाट्य का मंचन नागपुर से आए 35 कलाकारों ने किया। संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश तथा विश्व मांगल्य सभा के संयुक्त तत्वाधान मे पुण्यश्लोक देवी अहिल्या के जन्म त्रिशताब्दी के अवसर पर राष्ट्र समर्था देवी अहिल्या की पुण्य गाथा का नाटय मंचन मंगलवार को कालिदास अकादमी परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच पर किया गया।

कालिदास अकादमी के मुक्ताकाशी मंच पर राष्ट्र समर्था देवी अहिल्या की पुण्य गाथा को जीवंत किया, तो उपस्थित दर्शक भी भावविभोर हो गए।

नाटक की विषय वस्तु में अहिल्याबाई के बचपन से लेकर महारानी बनने और राष्ट्र व धर्म की उन्नति में योगदान तक को शामिल किया गया है। नाटक प्रारंभ होने के पहले अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

35 कुशल कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

35 कुशल कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

विश्व मांगल्य सभा की क्षेत्रीय संगठन मंत्री पूजा पाठक ने बताया कि नाटक राष्ट्र समर्था देवी अहिल्या की पुण्य गाथा का निर्देशन सुबोध सुरजीकर ने किया है। इंदौर के इतिहासकार गणेश मतकर, सुमित्रा महाजन, विजया रहाटकर इन सभी की कादंबरियों, नाट्य और साहित्य से नाटक का संदर्भ लेकर नाट्य मंचन तैयार किया है। अहिल्या जी के 300 वें जन्म शताब्दी के अवसर पर नाट्य मंचन का आयोजन किया है।

नाटक में देवी अहिल्याबाई के जीवन की झलक देखने को मिली।

नाटक में देवी अहिल्याबाई के जीवन की झलक देखने को मिली।

पूरे मध्यप्रदेश में 15 स्थान पर नाट्य का मंचन किया जाएगा। जिसमें 8 स्थान पर नाटक की प्रस्तुति हो चुकी है। आज उज्जैन में नाटक की नौंवी प्रस्तुति की जा रही है। विश्व मांगल्य सभा राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत महिलाओं का संगठन है। हर महिला का मातृत्व सक्षम हो, भावी पीढ़ी में देव, देश, धर्म की भावना प्रस्थापित हो इसके लिए संगठन संपूर्ण भारत में मातृत्व को सक्षम बनाने का कार्य कर रहा है।

देवी अहिल्याबाई होल्कर की जीवन गाथा का भव्य नाट्य मंचन किया गया।

देवी अहिल्याबाई होल्कर की जीवन गाथा का भव्य नाट्य मंचन किया गया।

अहिल्याबाई के बचपन से राज्य संभालने तक की जीवनी

नाट्य मंचन की राष्ट्रीय समन्वय निकिता सिरसा ने बताया कि अहिल्याबाई पर आधारित नाटक की भारत के 51 स्थान पर प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें कुल 35 कलाकार नागपुर से है। नाटक के माध्यम से अहिल्याबाई के बचपन से लेकर उनकी राज्य संभालने की जीवनी को शामिल किया गया है। विश्व मांगल्य सभा का उद्देश्य है कि हर घर में एक अच्छी मां निर्मित हो। उसके लिए प्रेरणा स्थल अहिल्यादेवी ही हो सकती है,।क्योंकि घर संभालते हुए, परिवार संभालते हुए, रिश्तों की समझ रखते हुए अपना राज्य कार्यभार कैसे संभालना है। न्याय और शासन को कैसे ऊपर रखना है। यह हमें अहिल्या देवी सिखाती है। हम इस नाटक के माध्यम से चाहते है कि हर घर में अहिल्या देवी निर्माण हो, ताकि भारत की जो स्थिति है वह ओर अभ्युदय तक पहुंचे।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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