[ad_1]
मुरैना के देवरी गांव स्थित नगर निगम की गोशाला में गायों की हालत बदतर होती जा रही है। चारे और पानी की कमी से कई गायें गंभीर रूप से बीमार हैं, तो कुछ दम तोड़ चुकी हैं। शनिवार शाम गोशाला पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गायों की हालत देख नाराजगी जताई
.
बजरंग दल के जिला संयोजक सुनील सिकरवार ने बताया कि गोशाला में मौजूद 70% गायें बेहद कमजोर थीं। कुछ इतनी कमजोर थीं कि उठने या चलने की हालत में नहीं थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मरने वाली गायों को वहीं गड्ढा खोदकर दफना दिया जा रहा है।
सरकारी फंड, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि गोशाला के संचालन के लिए सरकार हर वर्ष लाखों रुपए जारी करती है। प्रति गाय प्रतिदिन 40 रुपए की दर से अनुदान दिया जाता है। इसके बावजूद न तो चारे की समुचित व्यवस्था है, न ही पीने के पानी की। गायें खुले आसमान के नीचे बदहाल पड़ी हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बजरंग दल ने कलेक्टर और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में प्रशासन की असंवेदनशीलता और भ्रष्टाचार को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। सिकरवार ने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे में हालात नहीं सुधरे तो नगर निगम कार्यालय के सामने धरना देंगे और उग्र आंदोलन करेंगे।
नगर निगम ने दी सफाई, निरीक्षण की घोषणा गोशाला प्रभारी का कहना है कि वहां कुल 1800 गायें हैं और बीते एक माह में कोई मौत नहीं हुई। वहीं, नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र सिंह धाकरे ने रविवार को खुद गोशाला का निरीक्षण करने की बात कही है।



[ad_2]
Source link









