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Such A Mass Marriage Neither Dowry Given Nor Food Will Be Given, Guests Welcomed Sherbet And Ice Cream – Madhya Pradesh News

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हर माता-पिता का सपना होता है कि बच्चों की शादी बड़े ही धूमधाम से हो, इसीलिए वे शादी-विवाह के समय लाखों रुपये खर्च कर देते हैं। लेकिन कई लोग, जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं, वे भी शादी तो बड़े ही धूमधाम से कर देते हैं, लेकिन उसके बाद कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं। इसी रिवाज़ को खत्म करते हुए उज्जैन में एक सामूहिक निकाह समारोह होने जा रहा है, जिसमें होने वाली शादी में किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं होगा। इस शादी में शामिल लोगों को सिर्फ शरबत और आइसक्रीम ही मिलेगी।

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शहर में प्रदेश का यह पहला ऐसा सामूहिक निकाह होने जा रहा है, जहां घराती-बराती दोनों का महज शरबत और आइसक्रीम खिलाकर ही स्वागत किया जाएगा। यहां न तो भोजन होगा और न ही दहेज में कोई सामान दिया जाएगा। खास बात यह है कि विवाह समारोह के लिए दोपहर 3 से 5 बजे तक का समय रखा गया है, ताकि सभी लोग घर से भोजन करके समारोह में शामिल हो सकें।

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जमान कुरैशी पंचायत के अध्यक्ष डॉ. निजाम हाशमी ने बताया कि पिछले 17 वर्षों से यह विवाह समारोह समाज द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस बार शरबत और आइसक्रीम के साथ यह सामूहिक विवाह कुरैशी समाज की ओर से 11 मई को आयोजित होगा। स्थानीय कुरैशी सम्मेलन हाल में होने वाले इस विवाह समारोह में समाज के 22 जोड़े निकाह कबूल करेंगे। विवाह समारोह को सादगीपूर्ण और बिना किसी खर्च के आयोजित करने के पीछे समाज का आर्थिक रूप से कमजोर होना प्रमुख कारण है। सम्मेलन में निकाह करने वाली अधिकांश लड़कियां गरीब परिवारों से हैं। ऐसे में किसी तरह का आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए समाज ने अनावश्यक खर्च न करने का निर्णय लिया है।

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कुरैशी नौजवान सोशल वेलफेयर सोसायटी के माध्यम से आयोजित इस सम्मेलन में किसी प्रकार का दहेज या सामान नहीं दिया जाएगा। परिवार की ओर से लड़कियों को दिए जाने वाले सामान पर भी रोक लगाई गई है। अध्यक्ष डॉ. निजाम हाशमी ने बताया कि विवाह समारोह में कम खर्च को लेकर लंबे समय से प्रयास चल रहे हैं। पिछले दिनों जब समाज का सर्वे किया गया तो सामने आया कि कई परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके कारण रिश्ते तय होने में देरी हो रही है और समय पर विवाह नहीं हो पा रहे हैं। इसी को देखते हुए समाज द्वारा महज शरबत और आइसक्रीम खिलाकर ही विवाह करने का निर्णय लिया गया है।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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