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Success Story : पिता चलाते हैं अफसरों की गाड़ी, अब बेटे ही अफसर बनकर रचे इतिहास! जानें सफलता की अनोखी कहानी…

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Agency:News18 Madhya Pradesh

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Success Story : खंडवा के एडीएम वाहन चालक रूप सिंह सोलंकी के दोनों बेटों ने एमपीपीएससी में सफलता पाकर परिवार का नाम रोशन किया. बड़े बेटे राहुल सोलंकी वन रेंजर बने, जबकि छोटे बेटे ऋतिक सोलंकी ट्रेजरी ऑफिसर. जानें…और पढ़ें

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माता

माता पिता बच्चों को मीठे खिलाते हुए

खंडवा. खंडवा के एडीएम के वाहन चालक रूप सिंह सोलंकी के घर नववर्ष 2025 में खुशियां छा गई हैं. महज 15 दिनों के भीतर उनके दोनों बेटों ने एमपीपीएससी में सफलता हासिल कर उनके गर्व को दोगुना कर दिया है. एडीएम काशीराम बडोले के वाहन चालक रूप सिंह सोलंकी के छोटे बेटे ऋतिक सोलंकी ने एमपीपीएससी 2022 की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है. शनिवार, 18 जनवरी 2025 को घोषित परिणाम में ऋतिक ने ट्रेजरी ऑफिसर का पद हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया.

कुछ दिन पहले ही बड़े बेटे राहुल सोलंकी ने वन विभाग में रेंजर के पद पर चयनित होकर पिता की झोली में खुशियों की सौगात दी थी. ठीक 15 दिन बाद छोटे भाई ऋतिक ने एक बार फिर से घर में खुशियों का पिटारा खोल दिया है.

नवोदय विद्यालय ने बदली किस्मत
खंडवा के पंधाना स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाले ऋतिक ने अपनी 12वीं की पढ़ाई खंडवा में पूरी की. इसके बाद, 2020 में ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली का रुख किया. दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई के दौरान ऋतिक ने राज्य प्रशासनिक सेवा परीक्षाओं की तैयारी की और एमपीपीएससी 2022 के तीनों चरणों में सफलता पाई.

पिता की प्रेरणा और बच्चों का प्रण
ऋतिक और राहुल के पिता रूप सिंह सोलंकी ने बताया कि वह कभी एसडीएम, कभी एडीएम, और कभी डिप्टी लेक्चरर की गाड़ी चलाते थे. लगभग 10 साल पहले, उन्होंने अपने सफर की कहानियां बच्चों को सुनाई थीं. तभी बच्चों ने प्रण लिया कि वे मध्य प्रदेश में बड़े पद पर सुशोभित होकर पिता का सम्मान बढ़ाएंगे. आज दोनों बेटों ने अपने पिता के सम्मान को बढ़ा दिया है. एक बेटा वन विभाग का रेंजर और दूसरा ट्रेजरी ऑफिसर बनकर परिवार का नाम रोशन कर रहा है. रूप सिंह सोलंकी का कहना है कि बच्चों की इस उपलब्धि ने उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी दी है.

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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