नौगांव | 27 जनवरी 2026 छतरपुर पुलिस अधीक्षक अगम जैन की एक संवेदनशील सोच ने आज नौगांव में कानून और जनता के बीच की दूरी को खत्म कर दिया। पुलिस और राजस्व विभाग के बीच अक्सर उलझने वाले भूमि विवादों को सुलझाने के लिए एसपी की ‘सराहनीय पहल’ पर नौगांव थाना परिसर में एक विशेष संयुक्त शिविर का आयोजन किया गया।
थाने में ही हुआ ‘समाधान’: 25 विवादों का मौके पर खात्मा
अमूमन जो मामले सालों-साल कोर्ट और दफ्तरों के चक्कर काटते थे, उन्हें आज मेज पर बैठकर सुलझा लिया गया। शिविर में कुल 44 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 25 गंभीर विवादों का मौके पर ही दोनों पक्षों की आपसी सहमति से निराकरण कर दिया गया। 10 आवेदनों को जांच में लिया गया है, जिनका समाधान भी जल्द सुनिश्चित किया जाएगा।
क्यों खास है यह पहल?
थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे ने बताया कि थानों में आने वाले ज्यादातर विवाद जमीन से जुड़े होते हैं। पुलिस चाहकर भी इनमें अकेले कुछ नहीं कर पाती। लेकिन एसपी साहब के निर्देशन में जब राजस्व और पुलिस एक साथ बैठे, तो पेचीदा कानूनी गुत्थियां मिनटों में सुलझ गईं।
अफसरों की टीम ने सुनी एक-एक फरियाद
दोपहर 2 बजे से शुरू हुए इस शिविर में आला अफसरों की मौजूदगी ने जनता का भरोसा जीता:
- तहसीलदार रमेश कोल और नायब तहसीलदार राजपूत ने दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण किया।
- एसडीओपी अमित मेश्राम और थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे ने शांतिपूर्ण ढंग से दोनों पक्षों के बीच संवाद कराया।
समय और पैसे की हुई बड़ी बचत
शिविर में आए किसानों और ग्रामीणों के चेहरों पर राहत साफ देखी जा सकती थी। तहसीलदार रमेश कोल ने कहा कि ऐसे शिविरों से आम नागरिक को कचहरी के चक्करों से मुक्ति मिलती है और उनके धन व समय की बचत होती है।










