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Situation one month before Swachh Survey… | स्वच्छ सर्वेक्षण से एक माह पहले का हाल…: डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन तो दूर रोज वार्डों में झाड़ू लगना भी मुश्किल – Gwalior News

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नगरीय क्षेत्र के 66 वार्डों की कॉलोनी-मोहल्ले और बस्तियों से 100% कचरा कलेक्शन तो दूर की बात, यहां पर रोज झाडू तक नहीं लग रही है। क्षेत्र के लोग ही नहीं पार्षदों का दावा है कि झाड़ू रोज नहीं लग रही है। कारण सफाई कर्मचारियों से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन

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उन्होंने 14 वार्डों में जहां कचरा कलेक्शन नहीं हो पा रहा है, वहां के लिए 50 डोर-टू-डोर कचरा गाड़ी लगाने का प्लान बना लिया है। ये स्थिति तब है जब स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के लिए जुलाई में टीमों का आना प्रस्तावित है। नगर निगम के अफसरों ने 9500 अंकों के हिसाब से कैटेगरी स्तर पर काम की शुरूआत कर दी है। हालांकि शहर को कचरा मुक्त करने में अफसरों को पसीना आ रहा है।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के लिए वाटर बॉडी के लिए सागरताल और जनकताल को नहीं लिया गया है। सागरताल के अंदर जमीं गाद को निकालना है। वहीं जनकताल को लेकर विवाद की स्थिति बनी है। निगम ने इसलिए बैजाताल, लक्ष्मणतलैया, कटोरा ताल को वाटर बॉडी की सूची में रखा है।

{वाहनों की कमी के कारण 14 वार्डों में नहीं हो पा रहा है डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन

{ग्वालियर स्मार्ट सिटी 50 डोर-टू-डोर कचरा वाहन खरीदकर निगम को देगा।

{पार्षद मांग रहे वाहन और कर्मचारी, सुनवाई नहीं होने से वार्डों में नहीं हो रही सफाई

सड़कों पर कचरों के ढ़ेर, नालों में भी भरी है गंदगी

सड़कों पर कचरों के ढ़ेर, नालों में भी भरी है गंदगी
{नाला-नाली: शहर के नालों की सफाई तो दूर सड़कों के किनारे की नालियां तक साफ नहीं है। महल गेट से चेतकपुरी तक की सड़क की नालियों में मिट्टी भरी पड़ी है।
{डेयरी: सफाई व्यवस्था को गड़बड़ाने में डेयरियों का भी अहम रोल माना जा रहा है। जहां-जहां डेयरी हैं, वहां से निकला गोबर नालियों में बहाया जा रहा है। {मुरार मुक्तिधाम: यहां दीवारी के बगल में ही कचरा पड़ा रहता है।
{अस्पताल रोड़: घरों से कचरा कलेक्शन नहीं होने से लोगों ने यहां की सड़क पर कचरा फेंक रहे हैं।
{आकाशवाणी रोड: यहां मेला से निकलने वाला नाले में गाद जमा है। यही हाल सत्यदेव नगर से गुजरने वाले नाले का है। इसमें भी जगह-जगह गंदगी भरी हुई है।

निरंतर मॉ​नीटरिंग के साथ कर रहे हैं कसावट

^सफाई व्यवस्था को लेकर निरंतर मॉनीटरिंग और कसावट कर रहे हैं। 14 वार्डों में कुछ स्थान ऐसे हैं जहां वाहन की जरूरत है। 50 वाहन जल्दी आने वाले हैं। उन्हें उक्त स्थलों पर पहुंचाया जाएगा। -अमर सत्य गुप्ता, उपायुक्त स्वच्छ भारत अभियान ​​​​​​​

पार्षदों की पीड़ा

सफाई व्यवस्था ठीक नहीं
^क्षेत्र में कुल 28 कर्मचारी है, जिनमें से 7 को वीआईपी रोड पर लगा रखा है। नाला गैंग भी वहीं लगी है। इस कारण क्षेत्र में सफाई और कचरा कलेक्शन नहीं हो रहा है।
बृजेश श्रीवास, पार्षद वार्ड-21

43 में से आते हैं 33 कर्मचारी
^वार्ड में कालोनियों की संख्या बढ़ गई है। 22 बीट खाली पड़ी है। 43 कर्मचारियों में से 33 ही काम करते हैं। शिकायत के बाद भी निगम में कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
-पीपी शर्मा, पार्षद वार्ड-5

रोज झाड़ू भी नहीं लग रही हैै
^यह सबसे बड़ा वार्ड है। यहां 11 कचरा वाहन है। 5 वाहन और मांगे है, लेकिन वह भी नहीं मिले। क्षेत्र में रोज झाड़ू भी नहीं लग रही है।
-रेखा त्रिपाठी, पार्षद वार्ड-18

2 कचरा गाड़ी की जरूरत
^वार्ड में घरों से कचरा कलेक्शन के लिए 2 गाड़ी की जरूरत हैं, लेकिन वह भी नहीं मिली है।
-मनोज राजपूत, पार्षद वार्ड-8 ​​​​​​​

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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