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Sanjeevani’s son will now grow up in America | क्लेफ्ट पैलेट के साथ जन्मे बच्चे को मिला नया जीवन: झाबुआ अस्पताल में परिजन ने छोड़ा था, कल नए परिवार के साथ जाएगा विदेश – Indore News

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यूएसए से दंपती अपने दोनों बच्चों के साथ आए। साथ में इंदौर का भी बच्चा।

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क्लेफ्ट पैलेट (कटे तालू) और क्लेफ्ट लिप (कटे होंठ) जैसी समस्या के साथ जन्मे दो माह के शिशु को पेटलावद, झाबुआ जिले के सरकारी अस्पताल में उसके जैविक माता-पिता ने लावारिस छोड़ दिया था। इंदौर के संजीवनी सेवा संगम संस्था में उसे नया जीवन मिला और इलाज भी ह

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दरअसल, छह माह पहले यह बच्चा पेटलावद से इंदौर लाया गया था। फिर इसके माता-पिता का पता लगाया गया लेकिन नहीं मिले। इसके बाद बाल कल्याण समिति, झाबुआ ने इसे संजीवन संस्था को देखरेख के लिए सौंपा। संस्था में आठ माताओं (महिला केयर टेकर्स) ने उसकी मां की तरह देखभाल की। स्नेह, प्यार और अपनापन दिया। उन्होंने न केवल उसकी दैनिक देखभाल की, बल्कि उसकी सेहत और विकास का भी पूरा ध्यान रखा। उनके इस निस्वार्थ प्रेम और सेवा ने इस शिशु को जीवन की एक नई दिशा दी।

बच्चे को दुलारते विदेशी दंपती।

बच्चे को दुलारते विदेशी दंपती।

सर्जरी के बाद अब बालक सामान्य

संस्था ने बच्चे के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी और सीएचएल अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. जयदीप सिंह चौहान से संपर्क किया। डॉ. चौहान और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक सर्जरी कर बच्चे के क्लेफ्ट पैलेट और क्लेफ्ट लिप की समस्या को ठीक किया। अब वह सामान्य जीवन जी सकेगा।

दत्तक ग्रहण की कानूनी प्रक्रिया

संजीवनी सेवा संगम के सामाजिक कार्यकर्ता राहुल कोली ने बताया कि बच्चे के जैविक माता-पिता की तलाश के कई प्रयास किए गए, लेकिन वे नहीं मिले। इसके बाद, कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्चे को दत्तक ग्रहण के लिए विधिमुक्त घोषित किया गया और उसकी संपूर्ण जानकारी केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) पोर्टल पर अपलोड की गई।

संस्था सुपरिटेंडेंट आशा सिंह ने बताया कि अमेरिका के दत्तक दंपत्ति ने CARA पोर्टल के माध्यम से बच्चे को गोद लेने की मंजूरी दी। इस प्रक्रिया में अधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण एजेंसी (Authorized Foreign Adoption Agency) ने उन्हें आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में सहायता की। CARA द्वारा अनुमोदन (NOC) प्रदान करने के बाद, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, रामनिवास बुधौलिया (महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी) ने इस केस से संबंधित दस्तावेज तैयार कर अपर कलेक्टर रोशन राय के समक्ष प्रस्तुत किए। अपर कलेक्टर ने बच्चे का अंतरदेशीय दत्तक ग्रहण आदेश जारी किया गया। इसके बाद संस्था ने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट बनवाया। अब बुधवार को बच्चा अपने नए माता-पिता के साथ अमेरिका जाएगा।

तीसरे दत्तक बच्चे के लिए नई उम्मीद, नया जीवन

इस दत्तक दंपत्ति ने पूर्व में भी एक बालक और एक बालिका को वहीं से गोद लिया है। भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए यह दंपती जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और प्यार भरा जीवन देने के लिए जुटे हैं।

44 सालों से सेवा में जुटी है संस्था

संजीवनी सेवा संगम, जो कि सन 1981 से संचालित संस्था है। संस्था अनाथ और बेसहारा बच्चों के पुनर्वास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह संस्था बच्चों को रहने, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास की सुविधाएं प्रदान करती है। इसी के तहत इस बच्चे को भी बाल कल्याण समिति, झाबुआ जिले के आदेशानुसार संजीवनी सेवा संगम, इंदौर में संरक्षण प्रदान किया गया। संस्था की अध्यक्ष प्रफुल्ला सिंह झाबुआ के नेतृत्व में संस्था निरंतर बच्चों के कल्याण और पुनर्वास के लिए काम कर रही है।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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